शिक्षक MLC मतदाता सूची में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का नाम, पात्रता पर उठे सवाल

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बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं प्रत्याशी अवधेश कुमार ने कथित अनियमितता का लगाया आरोप

लोकायुक्त से करेंगे शिकायत; मंत्री बोले- स्नातक मतदाता के लिए किया था आवेदन, शिक्षक सूची में नाम आने की कराऊंगा जांच

वाराणसी। वाराणसी खंड के स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव से पहले शिक्षक मतदाता सूची में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा का नाम दर्ज होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के असिस्टेंट प्रोफेसर और शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी अवधेश कुमार ने इस पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत लोकायुक्त से करने की बात कही है। वहीं, मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने स्नातक मतदाता के लिए आवेदन किया था। शिक्षक मतदाता सूची में उनका नाम कैसे दर्ज हुआ, इसकी जांच कराएंगे।

वाराणसी खंड के स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। चुनाव के अंतिम चरण में प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। इसी बीच शिक्षक मतदाता सूची में मंत्री का नाम सामने आने से चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। इस मामले ने मतदाता सूची की शुद्धता, पात्रता के सत्यापन और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

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काशी विद्यापीठ ब्लॉक की सूची में 419वें क्रम पर नाम
शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी अवधेश कुमार के मुताबिक, चुनाव के सिलसिले में मतदाताओं से संपर्क करने और सूची की पड़ताल के दौरान उन्हें कई कथित अनियमितताएं दिखाई दीं। इसी क्रम में काशी विद्यापीठ ब्लॉक की शिक्षक मतदाता सूची में क्रम संख्या 419 पर हंसराज विश्वकर्मा का नाम दर्ज मिला। उनके अनुसार, सूची में पता कंचनपुर और पिता का नाम रामभजन विश्वकर्मा अंकित है।

अवधेश कुमार का दावा है कि सूची में दर्ज विवरण का मिलान करने पर वह मंत्री हंसराज विश्वकर्मा से मेल खाता मिला। उन्होंने बताया कि वह मंत्री को पहले से जानते हैं। काशी विद्यापीठ क्षेत्र के शिक्षकों से संपर्क के आधार पर उन्होंने संबंधित शिक्षण संस्थानों के बारे में भी जानकारी जुटाई। उनके मुताबिक, पड़ताल के दौरान मंत्री के किसी शिक्षण संस्थान में शिक्षक होने की पुष्टि नहीं हुई। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित व्यक्ति के शिक्षक होने की पुष्टि नहीं हो रही है, तो उसका नाम शिक्षक मतदाता सूची में किस आधार पर दर्ज किया गया। उन्होंने निर्वाचन विभाग से सूची में शामिल नामों और उनकी पात्रता के आधार का सत्यापन कराने की मांग की।

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छह वर्ष की शैक्षणिक पात्रता का मुद्दा उठाया
अवधेश कुमार ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए निर्धारित शैक्षणिक पात्रता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक मतदाता बनने के लिए तय मानकों के अनुसार निर्धारित अवधि तक शिक्षण कार्य से जुड़ा होना आवश्यक है। उनके मुताबिक, मंत्री की शिक्षक मतदाता के रूप में पात्रता की जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची में कुछ ऐसे नाम हैं, जिनके सामने शिक्षण संस्थान का नाम या पूरा पता स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। ऐसे में संबंधित मतदाता किस संस्थान में कार्यरत है और उसकी पात्रता का सत्यापन किस तरह किया गया, यह जांच का विषय है। हालांकि, मंत्री की पात्रता को लेकर लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नाम दर्ज करने की प्रक्रिया और आवेदन के साथ प्रस्तुत अभिलेखों की जानकारी निर्वाचन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

दोहरी प्रविष्टियों की भी जांच की मांग
अवधेश कुमार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां केवल एक नाम तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने सूची में नामों की प्रविष्टि और पात्रता के सत्यापन की व्यापक जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि मतदाता सूची में प्रत्येक नाम के पीछे निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता का स्पष्ट आधार होना चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल न उठें। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लोकायुक्त के समक्ष उठाएंगे और मंत्री का नाम शिक्षक मतदाता सूची में दर्ज होने के आधार की जांच की मांग करेंगे।

मंत्री बोले- स्नातक मतदाता के लिए किया था आवेदन
मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि उन्हें दिखाई गई मतदाता सूची में दर्ज विवरण उनका ही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से परास्नातक की पढ़ाई की है और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए आवेदन किया था। मंत्री ने कहा, "सूची में जो विवरण दिया गया है, वह मेरा ही है। मैंने स्नातक मतदाता के लिए आवेदन किया था। शिक्षक मतदाता सूची में मेरा नाम कैसे आ गया, इसकी जांच कराऊंगा।"

BK Pathak
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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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