बीएचयू में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर गूंजा युवा शक्ति का संदेश, 'वसुंधरा' कार्यक्रम में संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर मंथन

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वाराणसी। राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के के.एन. उडुपा सभागार में 'वसुंधरा' सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और युवा चेतना पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया। आयोजन के दौरान राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. गुरुदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास हो जाए तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और देश के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

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विशिष्ट अतिथि अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि छात्रशक्ति के संगठन, सामर्थ्य और राष्ट्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अभाविप अपने स्थापना काल से ही छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करती आ रही है। उनका कहना था कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब आज का विद्यार्थी जागरूक, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. प्रदीप कुमार गोस्वामी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्रवान और उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को अपने जीवन का आधार बनाने की अपील की।

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अभाविप बीएचयू इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि अभाविप छात्रहित, सामाजिक समरसता और राष्ट्र पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का मनमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम के अंत में अभाविप बीएचयू इकाई के मंत्री अनुराग तिवारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं तथा अभाविप के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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