करौंदी आईटीआई में मेगा जॉब फेयर, 100 से अधिक कंपनियों ने किया प्रतिभाग, युवाओं को ऑफर की नौकरी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में करौंदी स्थित आईटीआई परिसर में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लेकर हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए। इस मेले का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उनके कौशल और योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

इस मेगा जॉब फेयर में करीब 15,000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वाराणसी सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां आईटीआई परिसर पहुंचे और विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर जाकर साक्षात्कार में हिस्सा लिया। युवाओं में नौकरी पाने को लेकर खासा उत्साह और उमंग देखने को मिला।

मेले में अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए बारकोड सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे उम्मीदवारों को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ा। इस डिजिटल व्यवस्था के चलते अभ्यर्थी आसानी से संबंधित कंपनियों तक पहुंच सके और इंटरव्यू प्रक्रिया में तेजी आई।

रोजगार मेले में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, सेल्स, तकनीकी और आईटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मौके पर ही अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लेकर उनकी योग्यता के अनुसार चयन की प्रक्रिया शुरू की। कई युवाओं को प्राथमिक चयन (शॉर्टलिस्ट) भी किया गया, जिससे उनमें उत्साह और बढ़ गया।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के रोजगार मेलों का आयोजन युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद मिलती है, बल्कि युवाओं के कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इसी तरह के रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।

स्थानीय युवाओं ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों से उन्हें अपने ही शहर में रोजगार पाने का सुनहरा अवसर मिलता है, जिससे बाहर जाने की आवश्यकता कम हो जाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस प्रकार के मेले नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।



