वाराणसी में मीट-मांस व मछली बाजार होंगे शहर से बाहर, नगर निगम सदन में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

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वाराणसी। नगर निगम की साधारण सभा (सदन) की बैठक शनिवार को टाउनहाल, मैदागिन में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता, अतिक्रमण, राजस्व वृद्धि और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें सबसे प्रमुख निर्णय शहर के भीतर संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को नगर सीमा के बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का रहा।

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नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं। इन स्थानों पर व्यवस्थित मीट और मछली बाजार विकसित किए जाएंगे, जहां शहर के अंदर संचालित दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य शहर को अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर यातायात व्यवस्था वाला बनाना है।

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बैठक के दौरान पार्षद गुलशन अली ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन उसका क्रियान्वयन नहीं हो सका। उन्होंने सावन माह में मीट दुकानों के बंद रहने से व्यापारियों के सामने आने वाली आर्थिक समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। इस पर नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस योजना को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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सदन में राजस्व वृद्धि के विभिन्न उपायों पर भी विचार किया गया। भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुरेश कुमार चौरसिया ने जलकल परिसर के सेटलिंग टैंक की सफाई से निकली लगभग 40 हजार घन मीटर मिट्टी की बिक्री नहीं होने पर चिंता जताई। महापौर ने जलकल विभाग को तत्काल नीलामी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इसके अलावा अवशेष मल्टीस्टोरी भवनों और फ्लैट्स को गृहकर के दायरे में लाने का सुझाव भी सामने आया, जिससे नगर निगम की आय बढ़ाई जा सके।

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भेलूपुर में प्रस्तावित काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जलकल के पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा और न ही पेयजल आपूर्ति से जुड़ी किसी संरचना को नुकसान पहुंचाया जाएगा। पार्क का निर्माण केवल खाली उपलब्ध भूमि पर किया जाएगा। वहीं, शिवपुर क्षेत्र में लगभग 500 दुकानों वाली एक आधुनिक फुटकर फल मंडी विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

जनसुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे भी बैठक में प्रमुखता से उठे। सपा पार्षद अमर देव यादव ने वार्डों में नियुक्त लेबर और मिस्त्रियों की सूची पार्षदों को उपलब्ध नहीं कराए जाने पर सवाल उठाया। नगर आयुक्त ने तीन दिनों के भीतर सूची उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। ट्रांस-वरूणा क्षेत्र में घर-घर पेयजल कनेक्शन की कमी का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर संबंधित विभाग से जवाब मांगा गया।

अवैध कब्जों और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी कई पार्षदों ने चिंता व्यक्त की। ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के तालाब पर कथित अवैध निर्माण, सरकारी तालाबों की भूमि पर कब्जा तथा बंजर और नजूल भूमि के संरक्षण की मांग सदन में उठी। पार्षदों ने नगर निगम सीमा में आने वाले तालाबों, पार्कों और सरकारी भूमि की सूची तैयार कर उन्हें सुरक्षित करने पर जोर दिया।

विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग करते हुए पार्षद अनिल सोनकर ने आरोप लगाया कि कई विभागीय कार्यों की जानकारी क्षेत्रीय पार्षदों को नहीं दी जाती। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्षद हारून अंसारी और राजकपूर चौधरी ने भी सभी वार्डों में हुए विकास कार्यों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

स्वच्छता व्यवस्था पर चर्चा के दौरान पार्षद राजेश कुमार यादव ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण प्रणाली की खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। वहीं, पार्षद कुसुम सिंह पटेल ने शहर के प्रमुख पार्कों और तालाबों पर पीतल के कलश स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि लोग पूजा सामग्री उनमें डाल सकें और उसका पुनर्चक्रण कर निगम आय का नया स्रोत विकसित किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं, अनधिकृत सड़क संकेतकों को हटाने, विद्युत उपकेंद्रों के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा अन्य लंबित विकास प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। बैठक का एक विशेष आकर्षण यह रहा कि महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत कई पार्षद और अधिकारी ई-रिक्शा तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर टाउनहाल पहुंचे। नगर निगम द्वारा प्रत्येक शनिवार को मनाए जाने वाले ‘नो फ्यूल डे’ के तहत यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देती दिखाई दी। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इससे पूर्व पूर्व पार्षद लीलाराम सचदेवा और गायत्री मिश्रा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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