महापौर ने डोमरी में देखी तैयारी, एक घंटे में तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड
वाराणसी। काशी पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष आयाम स्थापित करने जा रही है। आगामी 1 मार्च को रामनगर के डोमरी क्षेत्र में एक घंटे के भीतर तीन लाख पौधे रोपने का महाभियान चलाया जाएगा। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य न केवल हरित आवरण बढ़ाना है, बल्कि इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराना भी है। नगर निगम द्वारा संचालित इस अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गुरुवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सिगरा स्थित नगर निगम सभागार में पार्षदों के साथ बैठक कर आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की।

महापौर ने सभी पार्षदों से अपील की कि वे 1 मार्च को कम से कम 50 समर्थकों के साथ डोमरी पहुंचकर अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दें। इससे पूर्व महापौर ने जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के साथ डोमरी का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र को विकसित कर एक विशाल ‘वन क्षेत्र’ बनाया जा रहा है, जिसे “काशी का फेफड़ा” कहा जा रहा है। यहां नीम, पीपल, पाकड़ और बरगद जैसे पारंपरिक वृक्षों के साथ हर्बल पार्क और नक्षत्र वाटिका भी विकसित की जाएगी। भूमि चिन्हांकन और गड्ढे खोदने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि निर्धारित समय में पौधारोपण पूरा किया जा सके।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि वाराणसी को ‘स्मार्ट सिटी’ के साथ-साथ ‘ग्रीन सिटी’ बनाने का संकल्प अब जमीन पर उतर रहा है। डोमरी का यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और बेहतर पर्यावरण देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इसे काशीवासियों की सामूहिक भागीदारी का उत्सव बताया।
नगर आयुक्त ने कहा कि यह पहल सिर्फ रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है। बड़े पैमाने पर पौधारोपण से शहर के तापमान में कमी आएगी, धूल और प्रदूषण से राहत मिलेगी तथा ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण’ में शहर की रैंकिंग में भी सुधार की संभावना है। नगर निगम को उम्मीद है कि यह ऐतिहासिक अभियान काशी को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार भी मौजूद रहे।

