जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर मनोज तिवारी ने विपक्ष पर किया हमला, बोले- यह आंदोलन नहीं, देश की संप्रभुता को चुनौती देने की कोशिश
CJP के प्रदर्शन पर दिल्ली सांसद ने वाराणसी में दिया बयान, राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों पर लगाए गंभीर आरोप
वाराणसी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शन को आंदोलन मानने से इनकार करते हुए इसे देश की संप्रभुता को चुनौती देने की कोशिश करार दिया। उन्होंने एलन मस्क, ध्रुव राठी और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल एकजुट होकर देश के खिलाफ काम कर रहे हैं।
मनोज तिवारी ने कहा कि यह कोई सामान्य आंदोलन नहीं, बल्कि देश पर हमला करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले में एलन मस्क और ध्रुव राठी की क्या भूमिका है। सांसद ने कहा कि एलन मस्क अमेरिका के कारोबारी हैं और ध्रुव राठी जर्मनी में रहते हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इनमें ऐसे लोग हैं, जिन्होंने विदेश में पढ़ाई करने के बाद देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश की है।

विपक्ष पर देश को अस्थिर करने का आरोप
भाजपा सांसद ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि कथित तौर पर वोट चोरी का आरोप लगाने वाले सभी विपक्षी दल एक साथ आकर देश के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनकी मंशा देश में अशांति फैलाने की है और भारत को नेपाल तथा बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में देश की व्यवस्था को बाधित करने या हिंसा फैलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। सांसद ने कहा कि देश को जलाने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी महिला कांस्टेबल के साथ अनुचित व्यवहार करते हुए उन्हें नीचे गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में हताशा का स्तर बढ़ गया है और इसी कारण ऐसी गतिविधियां सामने आ रही हैं। सांसद ने मतदाता सूची से कथित घुसपैठियों के नाम हटाने के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में कैसे शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों के नाम हटाए जाने से विपक्ष को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

