दिवाली पर जिमीकंद की सब्जी बनाना माना जाता है शुभ, जानिए सूरन से बनने वाली 5 स्वादिष्ट रेसिपी, सूखी सब्जी से लेकर कलौंजी तक

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Live VNS Food Special: दीपावली के दिन घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार के कई परिवारों में जिमीकंद यानी सूरन की सब्जी बनाने की खास परंपरा है। लोक मान्यताओं में इसे शुभता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। जिमीकंद की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे सूखी सब्जी, मसालेदार रसेदार करी, भरवां कलौंजी और खट्टी-मीठी सब्जी जैसी कई स्वादिष्ट डिश तैयार की जा सकती हैं।

आज हम आपको जिमीकंद की पांच अलग-अलग रेसिपी बता रहे हैं, जिन्हें आप दीपावली के खास भोजन में शामिल कर सकते हैं।

1. जिमीकंद की सूखी मसालेदार सब्जी

सामग्री: 500 ग्राम जिमीकंद, सरसों का तेल, जीरा, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर, नमक और हरा धनिया।

विधि: जिमीकंद छीलकर छोटे टुकड़ों में काटें। नमक और इमली मिले पानी में उबालकर पानी निकाल दें। कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें। जीरा और मसाले डालकर जिमीकंद मिलाएं। धीमी आंच पर सुनहरा और हल्का कुरकुरा होने तक भूनें। अंत में अमचूर और हरा धनिया डालें।

खासियत: पूड़ी और पराठे के साथ स्वादिष्ट लगती है।


2. जिमीकंद की रसेदार सब्जी

सामग्री: 500 ग्राम जिमीकंद, दो टमाटर, अदरक, जीरा, हल्दी, धनिया पाउडर, गरम मसाला, सरसों का तेल और नमक।

विधि: जिमीकंद को अच्छी तरह उबाल लें। कड़ाही में जीरा चटकाएं। अदरक और टमाटर का मसाला भूनें। हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर मिलाएं। उबले जिमीकंद डालकर आवश्यकतानुसार पानी मिलाएं। करीब 10–15 मिनट धीमी आंच पर पकाएं। आखिर में गरम मसाला और धनिया डालें।

खासियत: चावल, पूड़ी और रोटी के साथ परोस सकते हैं।


3. जिमीकंद की भरवां कलौंजी

सामग्री: 500 ग्राम जिमीकंद, पीली सरसों, लहसुन, हरी मिर्च, हल्दी, अमचूर या नींबू, सौंफ, अजवाइन, सरसों का तेल और नमक।

विधि: जिमीकंद के मोटे टुकड़े काटकर हल्का उबाल लें। प्रत्येक टुकड़े में सावधानी से चीरा लगाएं। सरसों, लहसुन, हरी मिर्च और मसालों का गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इसे टुकड़ों के बीच भरें। कड़ाही में तेल डालकर भरवां टुकड़ों को ढककर धीमी आंच पर पकाएं। बीच-बीच में पलटते रहें।

खासियत: पूर्वांचल और बिहार की पारंपरिक भरवां सब्जियों जैसी चटपटी डिश। स्थानीय परिवारों में कलौंजी बनाने का तरीका अलग हो सकता है।


4. सरसों के मसाले वाली जिमीकंद की सब्जी

सामग्री: 500 ग्राम जिमीकंद, दो चम्मच पीली सरसों, लहसुन, हरी मिर्च, हल्दी, टमाटर, सरसों का तेल और नमक।

विधि: सरसों, लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार करें। जिमीकंद को उबालकर अलग रखें। कड़ाही में तेल गरम कर सरसों का पेस्ट धीमी आंच पर भूनें। टमाटर और मसाले डालें। जिमीकंद मिलाकर थोड़ा पानी डालें और 10 मिनट पकाएं।

खासियत: सरसों की तीखी खुशबू इसे सामान्य रसेदार सब्जी से अलग बनाती है।

5. जिमीकंद की खट्टी-मीठी सब्जी

सामग्री: 500 ग्राम जिमीकंद, इमली का गूदा, थोड़ा गुड़, जीरा, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च, सरसों का तेल और नमक।

विधि: जिमीकंद को उबालकर छोटे टुकड़ों में काट लें। कड़ाही में तेल गरम करके जीरा और सौंफ चटकाएं। जिमीकंद और मसाले डालकर भूनें। इमली का गूदा, थोड़ा गुड़ और पानी डालें। धीमी आंच पर पकाएं, जब तक मसाला गाढ़ा होकर टुकड़ों से चिपक न जाए।

खासियत: खट्टे-मीठे स्वाद के कारण यह बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आ सकती है।


दीपावली पर जिमीकंद बनाने की क्या है मान्यता?

पूर्वांचल और बिहार के अनेक परिवारों में दीपावली या उसके आसपास जिमीकंद बनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। लोक मान्यताओं में जमीन के नीचे उगने वाले इस कंद को स्थिरता, अन्न-समृद्धि और शुभता से जोड़ा जाता है। हालांकि, सभी घरों में जिमीकंद बनाना अनिवार्य नहीं है और इसे खाने से धन प्राप्ति होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।


जिमीकंद बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

कच्चे जिमीकंद में कैल्शियम ऑक्सेलेट के सूक्ष्म क्रिस्टल हो सकते हैं, जिनसे मुंह और गले में खुजली या जलन महसूस हो सकती है। इसलिए इसे अच्छी तरह छीलकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएं। इमली, नींबू या अमचूर का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता है, लेकिन केवल खटाई डालना पर्याप्त सुरक्षा की गारंटी नहीं है। यदि पकाने के बाद भी जलन हो, तो सब्जी न खाएं।

इस दीपावली जिमीकंद की एक नहीं, पांच अलग-अलग रेसिपी आजमाइए। सूखी मसालेदार सब्जी से लेकर रसेदार करी और पारंपरिक कलौंजी तक, ये व्यंजन त्योहार की थाली में स्वाद और विविधता दोनों जोड़ सकते हैं।

BK Pathak
BK Pathak

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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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