नगर निगम सदन में जनहित के बड़े फैसले, आवासीय भवनों पर जलकल सरचार्ज माफ, बीएचयू को टैक्स में राहत, हर वार्ड में एक मिस्ट्री दो लेबर होंगे नियुक्त 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में सोमवार को जनहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। मैदागिन स्थित टाउनहॉल में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आवासीय और मिश्रित भवनों पर जलकल का शत-प्रतिशत सरचार्ज माफ करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से शहर के हजारों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब 31 मार्च तक पुराने जलकर पर किसी भी प्रकार का सरचार्ज नहीं देना होगा। हालांकि, यह छूट व्यावसायिक भवनों पर लागू नहीं होगी।

123

सदन में नगर निगम अधिनियम की धारा 91(2) के तहत पार्षद सुरेश कुमार चौरसिया ने एकीकृत कर बिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जलकल विभाग ने बिना पूर्व सूचना के कई वर्षों का सरचार्ज जोड़ते हुए एकीकृत बिल भेज दिया है, जबकि पूर्व में समाधान योजना के तहत सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जाती रही है। सदन ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। महापौर ने इसी माह के अंत तक संशोधित बिल जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में उपसभापति नरसिंह दास ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को जल और सीवर कर से राहत देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि बीएचयू का अपना वाटर सप्लाई और सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम है, इसलिए उन पर यह कर लगाना उचित नहीं है। सदन ने ब्याज माफ कर जलकर, सीवर कर और अन्य करों को संशोधित करते हुए नया बिल जारी करने तथा भुगतान किस्तों में लेने पर सहमति जताई। साथ ही अमृत जल मिशन के तहत दिए गए कथित डबल कनेक्शनों को भी समायोजित करने का निर्णय लिया गया।

123

पर्यटकों को ठगी से बचाने के लिए मैदागिन से अस्सी तक सभी खान-पान की दुकानों पर रेट-बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया। पार्षद अमरेश कुमार ने दुकानदारों द्वारा मनमाने दाम वसूलने का मुद्दा उठाया, जिसे सदन ने स्वीकार किया। इसके अलावा बाबा विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में 400–500 कमरों की सरकारी धर्मशाला बनाने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार करने का निर्णय लिया गया।

अवैध कब्जे और भ्रष्टाचार पर भी सख्त रुख अपनाया गया। वार्ड 59 (रमरेपुर) में पोखरों से अवैध कब्जे हटाने और वार्ड 65 (रामनगर) के वाजिदपुर क्षेत्र में पार्क निर्माण के निर्देश दिए गए। पारदर्शिता के लिए एक ही सीट पर तीन साल से जमे कर्मचारियों का पटल परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया।

123

पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर पार्षद श्याम आसरे मौर्य ने दूषित जल आपूर्ति रोकने की मांग की। गर्मी से पहले सभी कुओं की सफाई और हैंडपंपों के रिबोर का काम तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वाराणसी की चारों सीमाओं पर काशी की सांस्कृतिक पहचान दर्शाने वाले भव्य स्वागत द्वार बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में कज्जाकपुरा सेतु का नाम “बाबा लाट भैरव सेतु” रखने पर सदन की मुहर लगी। इसके अलावा हर वार्ड में एक मिस्त्री और दो लेबर की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पार्षदों के सवालों का जवाब दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में पार्षद उपस्थित रहे।

Share this story