माघ मेला का शुभारंभ, पौष पूर्णिमा के दिन काशी में आस्थावानों ने किया गंगा स्नान, मिलता है विशेष पुण्य 

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वाराणसी। प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ शनिवार से हुआ। वहीं काशी में पौष पूर्णिमा की पावन तिथि पर आस्थावानों ने गंगा स्नान किया। इस दौरान दशाश्वमेध, अस्सी समेत काशी के प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालु पहुंचे। गंगा स्नान और दान-पुण्य कर कल्याण की कामना की। ऐसी मान्यता है कि पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा की तिथि तक एक माह गंगा स्नान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नानार्थियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के साथ ही जल पुलिस, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय रहीं। 

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गंगा स्नान के लिए काशीवासियों के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु काशी पहुंचे। तड़के सुबह से ही दशाश्वमेध, अस्सी सहित प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। हर-हर गंगे के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पुण्य की कामना के साथ गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए गंगा घाटों पर जगह-जगह पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया, ताकि स्नान, पूजन और दर्शन के दौरान किसी को असुविधा न हो। घाटों पर निगरानी के लिए पुलिस कर्मियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार भ्रमण करते रहे।

 

दशाश्वमेध घाट के तीर्थ पुरोहित राजू तिवारी ने बताया कि आज पौष पूर्णिमा का स्नान है और पौष मास का अंतिम दिन भी है। उन्होंने कहा कि पौष पूर्णिमा का स्नान काशी और प्रयागराज दोनों ही स्थानों पर अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इसी दिन से प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ भी होता है, जिसके कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

 

राजू तिवारी के अनुसार शास्त्रों में वर्णन है कि जो श्रद्धालु प्रयागराज में माघ मेले का स्नान कर काशी आकर गंगा स्नान तथा श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करते हैं, उनके घर-परिवार और व्यापार में सुख-समृद्धि आती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक का पूरा एक माह स्नान, दान और ध्यान के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज में आज स्नान का पहला दिन होने के कारण काशी में अपेक्षाकृत कम श्रद्धालु पहुंचे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ में तेजी से वृद्धि होगी। माघ मेला के पलट प्रवाह के चलते लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचकर गंगा स्नान करेंगे और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

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