काशीवासियों को जल्द मिलेगी रोपवे की सौगात, रथयात्रा-गोदौलिया रूट पर सावन में होगी लोड टेस्टिंग, ट्रायल के बाद पीएम करेंगे लोकार्पण
वाराणसी। काशी के बहुप्रतीक्षित रोपवे प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत रथयात्रा से गोदौलिया स्टेशन तक बनने वाले 148 मीटर लंबे रोपवे मार्ग पर सावन माह में लोड टेस्टिंग की जाएगी। परीक्षण सफल रहने के बाद परियोजना के ट्रायल रन की शुरुआत होगी और इसके उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका लोकार्पण किए जाने की तैयारी है। इससे काशीवासियों और पर्यटकों को जल्द ही आधुनिक रोपवे सेवा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजना से जुड़े इंजीनियरों के अनुसार लोड टेस्टिंग के माध्यम से रोपवे की सुरक्षा और संचालन क्षमता का गहन परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान केबिनों में निर्धारित क्षमता से अधिक भार रखकर विभिन्न परिस्थितियों में संचालन किया जाएगा। परीक्षण कई बार दोहराया जाएगा ताकि तकनीकी खामियों की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके और यात्रियों को सुरक्षित सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
वाराणसी का यह रोपवे देश की पहली सार्वजनिक शहरी रोपवे परियोजनाओं में शामिल है, जिसे काशी के विकसित हो रहे शहरी परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। लगभग 3.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक रोपवे का संचालन होगा। परियोजना में कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन के अलावा गोदौलिया टर्मिनल स्टेशन बनाया गया है। कुल पांच स्टेशनों और 29 टावरों वाली इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
लोड टेस्टिंग के दौरान प्रत्येक केबिन में यात्रियों के औसत भार के आधार पर लगभग 800 किलोग्राम के साथ अतिरिक्त 10 प्रतिशत यानी करीब 880 किलोग्राम तक वजन रखकर परीक्षण किया जाएगा। परियोजना में यूरोपीय मानकों के अनुरूप आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं, जिससे संचालन पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके। सफल परीक्षण के बाद सावन के दौरान ट्रायल शुरू होने और उसके बाद प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है।

