सारनाथ की तर्ज पर अस्सी के पुष्कर तालाब पर होगा लाइट एंड साउंड शो, 12 करोड़ की परियोजना से जीवंत होगी काशी की आध्यात्मिक विरासत
पानी के फव्वारे पर प्रकाश और ध्वनि के जरिये शिव, ब्रह्मा, गंगा और बुद्ध से संदेशों का प्रस्तुतीकरण
तालाब के बीचोबीच लगेगा आधुनिक फाउंटेन, लेजर लाइट के जरिये धार्मिक कथाओं का होगा प्रदर्शन
दर्शक तालाब के चारों तरफ बनी सीढ़ियों पर बैठकर देख सकेंगे 30 मिनट का लाइट एंड साउंड शो
दो सत्रों में होगा लाइट एंड साउंड शो का प्रदर्शन, स्क्रिप्ट तैयार होने पर प्लेबैक कलाकारों का होगा चयन
वाराणसी। काशी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अब अस्सी स्थित ऐतिहासिक पुष्कर तालाब पर भी आध्यात्मिक और पौराणिक विरासत का अद्भुत अनुभव मिलेगा। सारनाथ की तर्ज पर यहां अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो शुरू करने की तैयारी की जा रही है। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत पानी के फव्वारे पर प्रकाश और ध्वनि के माध्यम से भगवान ब्रह्मा, भगवान शिव, मां गंगा तथा भगवान बुद्ध के संदेशों का जीवंत प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
पर्यटन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। अब विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। योजना के अनुसार पुष्कर तालाब के बीच में अत्याधुनिक फाउंटेन लगाया जाएगा, जिस पर लेजर और प्रोजेक्शन तकनीक के जरिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक कथाओं का प्रदर्शन होगा। दर्शक तालाब के चारों ओर बनी सीढ़ियों पर बैठकर करीब 30 मिनट का शो देख सकेंगे।
काशी की आध्यात्मिक यात्रा का नया आकर्षण
वाराणसी में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन विभाग का मानना है कि सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो को मिल रही लोकप्रियता को देखते हुए शहर में दूसरा प्रमुख केंद्र पुष्कर तालाब बनाया जाए, ताकि पर्यटकों को काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझने का अवसर मिल सके।
स्क्रिप्ट में होगी ब्रह्मा, शिव, गंगा और बुद्ध की कथा
परियोजना के लिए तैयार की जा रही स्क्रिप्ट में पुष्कर तालाब के धार्मिक और पौराणिक महत्व को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसमें सृष्टिकर्ता ब्रह्मा, संहारकर्ता भगवान शिव, पतित पावनी मां गंगा तथा भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश से जुड़ी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक जानकारियों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। राजस्थान के पुष्कर के बाद काशी में स्थित ब्रह्मा मंदिर का विशेष महत्व भी शो का प्रमुख हिस्सा होगा। इसके माध्यम से पर्यटकों को काशी की बहुआयामी धार्मिक परंपरा से परिचित कराया जाएगा।
रोजाना दो सत्रों में होगा प्रदर्शन
योजना के अनुसार प्रतिदिन शाम को दो सत्रों में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा। स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद वॉयस ओवर और प्लेबैक के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा, जिससे प्रस्तुति अधिक प्रभावशाली बन सके।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक मनोरंजक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि काशी के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का माध्यम बनेगी। इससे अस्सी क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन व रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
बोले अधिकारी
वाराणसी मंडल के संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि "काशी के धार्मिक और पौराणिक महत्व से पर्यटकों को रूबरू कराने के लिए सारनाथ की तर्ज पर अस्सी स्थित पुष्कर तालाब पर लाइट एंड साउंड शो कराया जाएगा। सर्वे के बाद इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।"

