कुंभ महादेव मंदिर को बताया मणिकर्णिका का मंदिर, एआई जनरेटेड वीडियो प्रसारित कर भ्रम फैलाने का आरोप, 2 सांसदों सहित 8 को नोटिस, तीन दिन में देना होगा जवाब
वाराणसी। कुंभ महादेव मंदिर को मणिकर्णिका घाट का मंदिर बताकर लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी और वीडियो साझा करने के मामले में पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर क्षेत्र में स्थित इस प्राचीन मंदिर को मणिकर्णिका घाट से जोड़कर गलत जानकारी फैलाने के आरोप में पुलिस ने दो सांसदों सहित कुल आठ लोगों को नोटिस जारी किया है। सभी को तीन दिन के भीतर चौक थाने में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
मणिकर्णिका घाट पर मंदिर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में कुंभ महादेव मंदिर को मणिकर्णिका घाट का मंदिर बताया गया, जिसे लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। इस पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की और निगरानी बढ़ा दी। पता चला कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित कुंभ महादेव मंदिर का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
इस प्रकरण में चौक थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव सहित अन्य छह लोगों को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने सभी को तीन दिन के भीतर थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के बुलाया है। इससे पहले शनिवार को पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ नामजद प्राथमिकी भी दर्ज की थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में स्थित कुंभ महादेव मंदिर को मणिकर्णिका घाट से जोड़कर प्रस्तुत करना ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है और इससे लोगों में भ्रम पैदाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।

