बीएचयू में कोटक बिजलैब्स रोडशो, स्टार्टअप संस्थापकों को मिले निवेश और मेंटरशिप के अवसर

123
WhatsApp Channel Join Now

एफआईटीटी-आईआईटी दिल्ली और कोटक बिजलैब्स की पहल, पूर्वांचल के उद्यमियों ने विशेषज्ञों के साथ साझा किए कारोबार से जुड़े सवाल

वाराणसी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संस्थान स्थित अटल इन्क्यूबेशन सेंटर में कोटक बिजलैब्स 3.0 रोडशो का आयोजन किया गया। एफआईटीटी-आईआईटी दिल्ली और कोटक बिजलैब्स की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नवोदित उद्यमियों को अनुभवी संस्थापकों, मेंटर्स और निवेशकों से संवाद का अवसर मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इस दौरान प्रबंध अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी, संकाय के डीन प्रो. एसके दुबे, अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के निदेशक एवं प्रोफेसर प्रभारी प्रो. पीवी राजीव, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. नंद लाल समेत शिक्षाविद, उद्यमी और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रो. पीवी राजीव ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। आईटेक ग्रुप के संस्थापक निदेशक आलोक पांडेय ने विशेष संबोधन किया। प्रो. आशीष बाजपेयी ने नवाचार और नए विचारों को व्यावसायिक रूप देने के महत्व पर प्रकाश डाला।

123

सफल स्टार्टअप की कहानियों से मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम में ‘हौसला एम्पावर्ड’ की स्क्रीनिंग के माध्यम से कोटक बिजलैब्स के पूर्व बैचों से जुड़े संस्थापकों की सफलता की कहानियां दिखाई गईं। इसके बाद एफआईटीटी-आईआईटी दिल्ली की वरिष्ठ प्रबंधक पूजा सिंह ने कोटक बिजलैब्स कार्यक्रम और संस्थापकों को मिलने वाले अवसरों की जानकारी दी। स्क्रैपशाला की संस्थापक शिखा गुप्ता ने अपने उद्यमी सफर और शुरुआती चुनौतियों के अनुभव साझा किए। वहीं निवेश क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ ने स्टार्टअप को निवेश योग्य बनाने और कारोबार के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।

विशेषज्ञों से सीधे सवाल, मिला व्यावहारिक सुझाव
खुले संवाद सत्र में उद्यमियों ने पूजा सिंह, शिखा गुप्ता और आलोक पांडेय से अपने उत्पाद, बिजनेस मॉडल और कारोबार विस्तार से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनके विचारों पर सुझाव देते हुए व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन एआईसी-बीएचयू की प्रबंधक डॉ. परीषा मालू ने किया। समापन पर डॉ. नंद लाल ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया। अंत में नेटवर्किंग और हाई टी के दौरान उद्यमियों, निवेशकों, विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने आपसी संवाद किया।

Share this story