कैथी डॉल्फिन संरक्षण केंद्र बनेगा ईको-टूरिज्म हब, शासन को भेजा प्रस्ताव
वाराणसी। गंगा किनारे स्थित कैथी डॉल्फिन संरक्षण केंद्र को जल्द ही ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं और केंद्र के समग्र विकास का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। योजना का उद्देश्य गंगा की जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देना है।
कैथी डॉल्फिन संरक्षण केंद्र के आसपास करीब एक एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है। इस भूमि पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त सभागार (ऑडिटोरियम) और हरियाली से भरपूर जंगल क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के करीब रहने और गंगा की जैव विविधता को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) निधि चौहान ने बताया कि केंद्र को विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैथी डॉल्फिन संरक्षण केंद्र वाराणसी शहर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसे प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं तथा पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है।

