200 करोड़ से बनेगा काशी का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल, पर्यटन को लगेंगे पंख
वाराणसी। पर्यटन के क्षेत्र में काशी को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शहर में प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल विकसित किया जाएगा। आईडब्ल्यूएआई की ओर से प्रस्तावित इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने भी परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग का भरोसा दिया है। टर्मिनल के निर्माण से काशी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
आईडब्ल्यूएआई के निदेशक संजीव कुमार के अनुसार जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल में एक समय में करीब 10 हजार यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की जाएगी। इसमें इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर, सुरक्षा जांच काउंटर और सीसीटीवी निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। यात्रियों के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट, रेस्टोरेंट, लॉज, इलेक्ट्रिक वाहन सुविधा, शौचालय और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
टर्मिनल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ यहां देश-विदेश के पर्यटकों के लिए व्यावसायिक गतिविधियों की भी व्यवस्था होगी। वाहनों की पार्किंग और पर्यटकों के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित टर्मिनल मौजूदा क्रूज टर्मिनल से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा। मौजूदा टर्मिनल करीब 48 यात्रियों को संभालने की क्षमता वाला है, जबकि नए टर्मिनल में बड़े पैमाने पर यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था होगी। इसके लिए करीब 8,094 वर्गमीटर क्षेत्र में टर्मिनल का निर्माण प्रस्तावित है।

