जनभागीदारी से चमकेगी काशी, स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप-3 के लिए नगर निगम का महाअभियान
वाराणसी। देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में काशी को शीर्ष तीन स्थानों में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने अब निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है। शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ जनभागीदारी को इस अभियान का सबसे बड़ा आधार बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से मंगलवार को कमिश्नरी ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि इस बार काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से मैदान में उतर चुका है।

नगर निगम ने इस अभियान के तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों को 204 सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों के नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है। इनमें शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम और वन विभाग सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की निगरानी, गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स की पहचान और उनके स्थायी समाधान की जिम्मेदारी दी गई है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर से कचरा संवेदनशील स्थलों को पूरी तरह समाप्त करना, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना, गीले और सूखे कचरे का पृथक्कीकरण सुनिश्चित करना तथा खाली पड़े भूखंडों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई कराना है। नगर निगम का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी से ही स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में काशी की धरती से पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया था। अब काशीवासियों की जिम्मेदारी है कि वे उस संकल्प को सफलता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यदि अगले 15 दिनों तक सभी नागरिक प्रतिदिन केवल तीन से चार घंटे भी इस अभियान को दें, तो शहर की तस्वीर बदल सकती है। महापौर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ काम करने की अपील की।

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि स्वच्छता को केवल नगर निगम का दायित्व मानने की सोच बदलनी होगी। यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में मौजूद कमियों की पहचान कर तत्काल उनका समाधान करें। साथ ही आम जनता से भी अपील की कि जहां कहीं भी गंदगी दिखाई दे, उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी रात में शहर के बाजारों, ठेला-खोमचा क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण करें और यह देखें कि किन स्थानों पर अधिक कूड़ा जमा हो रहा है। इसके बाद अगले दिन सुबह विशेष सफाई अभियान चलाकर उन स्थानों को साफ कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्य में पार्षदों, सुपरवाइजरों और सफाई कर्मियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं को जागरूक कर स्वच्छता अभियान से जोड़ने पर भी जोर दिया।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्यशाला में बताया कि शहर को गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए 14 ट्रांसफर स्टेशन पहले से संचालित हैं और 10 नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नव विस्तारित वार्डों में भी कूड़ा उठान की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से लगातार फीडबैक लिया जाएगा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में जाकर यह सुनिश्चित करें कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के दौरान गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जा रहा है या नहीं। साथ ही खाली प्लॉटों में जमा कूड़े की सूची तैयार कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जो लोग समझाने के बाद भी नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर परिवार और हर नागरिक की भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है। कार्यशाला में 204 सेक्टरों के लिए नामित अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करने और चार प्रमुख बिंदुओं की निगरानी के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 सफाई कर्मियों को मंच पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन अंजला झा और जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

