15.33 लाख पौधरोपण से हरित होगी काशी 

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विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के साथ ही मानसून सीजन में चलेगा वृहद पौधरोपण महाभियान 

वन विभाग 86.50 हेक्टेयर में 2,01,400 पौधे लगाएगा, 13,32,240 पौधरोपण का दायित्व 27 अन्य विभागों को

नर्सरियों में तैयारी पूरी, स्थानीय और औषधीय प्रजातियों पर जोर

वाराणसी। पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत वन समेत अन्य विभाग मिलकर कुल 15,33,240 पौधे लगाकर काशी में हरियाली को और समृद्ध करेंगे। पौधरोपण में पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों को शामिल किया गया है। वृक्ष न केवल छाया और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जैव विविधता को संरक्षित करने, भूजल स्तर सुधारने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होते हैं। 5 जून को पर्यावरण दिवस पर भी वृहद पौधरोपण होगा।

2,01000 पौधे लगाएगा वन विभाग  
योगी सरकार विकास के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रख रही है। उत्तर प्रदेश को हरित प्रदेश बनाने के लिए सरकार 9 वर्ष से लगातार पौधरोपण महाभियान चला रही है।  जिला वन अधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2026-27 के लिए वृहद पौधरोपण महाभियान की रूपरेखा तैयार की गई है।  वन विभाग द्वारा 70 स्थलों पर लगभग 86.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2,01000 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए पूरे जनपद में कुल 15,33,240 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें 13,32,240 पौधरोपण अन्य 27 विभाग करेंगे। 

नर्सरियों में तैयारी पूरी, स्थानीय और औषधीय प्रजातियों पर जोर
डीएफ़ओ ने बताया कि वन विभाग की नर्सरियों में वर्तमान में 26 लाख से अधिक पौधे उपलब्ध हैं। इस अभियान को गति देने के लिए वाराणसी की विभिन्न सरकारी और विभागीय नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में पौधे पहले से ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। पौधरोपण में जैव विविधता का भी ध्यान भी रखा जा रहा है। रोपे जाने वाले पौधों में मुख्य रूप से पारंपरिक, दीर्घायु और औषधीय महत्व वाली पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, अर्जुन, जामुन, सहजन, शीशम, कदम्ब, बेल, गुलर, आम आदि प्रजातियों को शामिल किया गया है। 

विभिन्न विभागों का पौधरोपण का लक्ष्य 
 

वन विभाग – 201000
पर्यावरण विभाग – 73000
ग्राम्य विकास विभाग – 735240
राजस्व विभाग – 64000
पंचायती राज विभाग – 78000
आवास विकास – 1000
औद्योगिक विभाग – 1000
नगर विकास विभाग – 81000
लोक निर्माण विभाग – 7000
जल शक्ति विभाग (सिंचाई एवं जल संसाधन) – 4000
जल शक्ति विभाग (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) – 4000
रेशम विभाग – 19000
कृषि विभाग – 153000
पशुपालन विभाग – 1000
सहकारिता विभाग – 1000
उद्योग विभाग – 1000
ऊर्जा विभाग – 1000
माध्यमिक शिक्षा विभाग – 1000
बेसिक शिक्षा विभाग – 1000
प्राविधिक शिक्षा विभाग – 1000
उच्च शिक्षा विभाग – 1000
श्रम विभाग – 1000
स्वास्थ्य विभाग – 1000
परिवहन विभाग – 1000
रेलवे विभाग – 3000
रक्षा विभाग – 2000
उद्यान विभाग – 95000
गृह विभाग – 1000

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