काशी विश्वनाथ धाम में नई ऐप-आधारित दर्शन व्यवस्था, भाषा के आधार पर तैयार होगा श्रद्धालुओं का डेटा, श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का भाषा और क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग डेटा तैयार किया जाएगा। इसके जरिये न सिर्फ उनकी पहचान सुनिश्चित होगी, बल्कि भाषाई आधार पर होने वाली दिक्कतें भी दूर होंगी। इसके लिए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से ऐप आधारित व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में सहूलियत होगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में विभिन्न भाषाई और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। कई बार भाषा और संचार की बाधाओं के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यास ने तकनीक आधारित समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है।
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं के कुछ आवश्यक विवरण, जैसे आधार संख्या आदि, ऐप के माध्यम से पंजीकृत किए जाएंगे। यह प्रक्रिया विशेष रूप से सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए लागू होगी। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर श्रद्धालुओं का क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे उनकी सुविधा के अनुरूप प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती संभव हो सकेगी।
न्यास का मानना है कि इस प्रणाली से न केवल समन्वय बेहतर होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को अधिक संतोषजनक और सहज अनुभव भी मिलेगा। साथ ही, यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी। यह नई प्रणाली 1 मई 2026 के बाद चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। हालांकि, सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। काशीवासियों के लिए विशेष द्वार से सुबह और शाम दर्शन की व्यवस्था भी पूर्ववत जारी रहेगी।

