काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत 28 जुलाई को, 63 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (एमजीकेवीपी) का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। इस बार समारोह की थीम "विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत 2047 की आधारशीला" रखी गई है। समारोह में 63,183 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जबकि मंच से 26 मेधावी विद्यार्थियों और दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कुल 43 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इसकी जानकारी कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
राज्यपाल करेंगी अध्यक्षता, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, मुंबई के सीएमडी कैप्टन बी.के. त्यागी शामिल होंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि और राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
63 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री
इस वर्ष विश्वविद्यालय 49 पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 56 विद्यार्थियों को सम्मानित करेगा। दीक्षांत समारोह में 49,659 स्नातक, 13,401 स्नातकोत्तर तथा 123 पीएचडी शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 22,183 छात्र और 41,000 छात्राएं शामिल हैं।
26 मेधावियों और दो खिलाड़ियों को मंच से मिलेगा सम्मान
दीक्षांत समारोह में मंच से 20 छात्राओं और 6 छात्रों सहित कुल 26 विद्यार्थियों को 43 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें स्नातक वर्ग के 8, स्नातकोत्तर वर्ग के 16 मेधावी विद्यार्थी तथा उत्कृष्ट खिलाड़ी सुमित कुमार भारती और अंजलि कुमारी शामिल हैं। कुलपति ने बताया कि 17 विद्यार्थियों को दो-दो स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के टॉपर्स को अलग-अलग मिलेगा सम्मान
इस बार पहली बार विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के टॉपर्स को अलग-अलग स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। कुलपति ने कहा कि इससे दोनों श्रेणियों के मेधावी विद्यार्थियों को समान सम्मान और पहचान मिलेगी।
समाज सेवा के लिए वाई. श्रीधर राव को मिलेगी मानद डी.लिट.
समारोह में श्री देवी हैंडलूम, तेलंगाना के संस्थापक वाई. श्रीधर राव को समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डी.लिट. की उपाधि प्रदान की जाएगी।
दीक्षोत्सव-2026 में हुए विविध कार्यक्रम
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह से पहले दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर और गोद लिए गए गांवों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 'मां-बेटी' कार्यक्रम, भाषण, निबंध, कविता, चित्रकला, कहानी कथन, लोकनृत्य, देशभक्ति समूह गीत, पारंपरिक खेल, पुस्तक समीक्षा, छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल रहे।
इन मेधावियों को मिलेंगे दो-दो स्वर्ण पदक
इस बार 17 विद्यार्थियों को दो-दो स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें बीएससी (ऑनर्स) कृषि की त्रिशा सिंह गौतम, बीएड की निधि श्रीवास्तव, एलएलबी की हरि प्रिया, एमए (योग) की दिशा सिंह और खुशबू सरोज, एमएड की प्रियाशी कुशवाहा, एलएलएम के अभिषेक सिंह, एमएससी (गणित) की सुनीता यादव, एमए (हिंदी) के ब्रिजेश कुमार प्रजापति, एमए (पत्रकारिता एवं जनसंचार) की निशा सिंह, एमए (संस्कृत) की संगीता पटेल, एमए (इतिहास) की अनन्या त्रिपाठी, एमएफए (पेंटिंग) के जय गुप्ता, एमए (अर्थशास्त्र) की शिवांगी पटेल, एमसीए के राज सिंह, एमएसडब्ल्यू की अंकिता रस्तोगी तथा एमबीए की अंजली चेलानी शामिल हैं।
ऑनलाइन भी देख सकेंगे दीक्षांत समारोह
कुलपति ने बताया कि 48वें दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा। उन्होंने आमंत्रित अतिथियों और विद्यार्थियों से अपील की कि समारोह स्थल पर प्रवेश के लिए अपना दीक्षांत आमंत्रण पत्र अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
प्रेस वार्ता में कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

