काशी-तमिल संगमम 4.0 : “वनक्कम काशी” नुक्कड़ नाटक श्रृंखला शुरू, सांस्कृतिक एकता का संदेश गूंजा

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वाराणसी। “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने की दिशा में काशी–तमिल संगमम 4.0 के अंतर्गत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने तीन दिवसीय जन-जागरूकता अभियान “वनक्कम काशी” नुक्कड़ नाटक श्रृंखला का भव्य शुभारंभ किया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भाषाई संबंधों को फिर से जन–जन तक पहुँचाना है, ताकि दोनों प्रदेशों की साझा विरासत को व्यापक सामाजिक संवाद के माध्यम से और अधिक सशक्त किया जा सके।

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श्रृंखला के पहले दिन वाराणसी के एम्फीथिएटर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर और केन्द्रीय विद्यालय में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया। नाटकों की विषयवस्तु काशी और तमिलनाडु की सांस्कृतिक एकरूपता से प्रेरित रही, जिसमें भगवान शिव की साझा आराधना, प्राचीन परंपराएं, स्थापत्य कला, नृत्य–संगीत, लोक-संस्कृति और साहित्यिक संबंध जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को इस बात से अवगत कराया कि भारत की आत्मा उसकी विविधता में निहित सांस्कृतिक एकता में बसती है।

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नुक्कड़ नाटक श्रृंखला में “लर्न तमिल – तमिल कर्पम” पहल को भी प्रमुखता से शामिल किया गया, जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी को भाषा-संवर्धन, भाषाई आदान–प्रदान और भारतीय भाषाओं की समृद्धता को समझने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नाटकों के संवादात्मक प्रारूप और सरल भाषा ने छात्रों, श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

कार्यक्रम का नेतृत्व काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की डॉ. स्वप्ना मीना द्वारा किया जा रहा है, जबकि सह-समन्वयक के रूप में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरुण कुमार अपनी भूमिका निभा रहे हैं। स्वयंसेवक रिया दुबे और जे. ए. मोल्लाह स्थल प्रबंधन, भीड़ समन्वय और जन-संपर्क गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनके प्रयासों से कार्यक्रम न केवल सुचारू रूप से संचालित हुआ, बल्कि लोगों में सहभागिता और उत्साह भी बढ़ा।

29 नवम्बर को रविदास घाट, अस्सी घाट, दुर्गा मंदिर और नमो घाट पर भी होगा, जहाँ टीम द्वारा और भी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। वाराणसी के इन ऐतिहासिक स्थलों पर होने वाले नाटक सांस्कृतिक एकता और भारतीय विरासत की समृद्धि को व्यापक जनसमूह तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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