जमीन से जितनी मनमोहक, आसमान से उतनी ही अद्भुत, वायुसेना के जांबाज पायलटों ने की काशी की दिव्यता और सुंदरता की तारीफ
सूर्यकिरण टीम के स्क्वाड्रन लीडर भावेश शर्मा बोले- घाटों से एयर शो देख रहे युवा एक दिन कॉकपिट में बैठें, दूसरों को भी वायुसेना से जुड़ने के लिए करें प्रेरित
सारंग टीम की स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने कहा- स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टर से दुनिया को दिखाते हैं भारतीय वायुसेना का अनुशासन, समर्पण और टीम भावना
वाराणसी। गंगा की लहरों के ऊपर भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन ने काशीवासियों को रोमांचित किया तो आसमान से काशी को निहारने वाले पायलट भी इसकी खूबसूरती के मुरीद हो गए। सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के स्क्वाड्रन लीडर भावेश शर्मा ने काशी की सुंदरता का बखान करते हुए कहा कि काशी और यहां के लोग नीचे से जितने सुंदर हैं, आसमान से भी उतनी ही सुंदर काशी दिखाई देती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि आज जो युवा घाटों से एयर शो देख रहे हैं, वे एक दिन खुद विमान के कॉकपिट में बैठें और आने वाली पीढ़ी को भारतीय वायुसेना या सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

भावेश शर्मा ने बताया कि उनके परिवार के कुछ सदस्य काशी में रहते हैं, इसलिए वह यहां कई बार आ चुके हैं। हालांकि, एयर शो के दौरान आसमान से काशी को देखने का अनुभव खास रहा। उन्होंने सूर्यकिरण टीम में अपनी भूमिका के बारे में बताते हुए कहा कि वह टीम में पांचवें स्थान पर उड़ान भरते हैं, इसलिए उन्हें सूर्यकिरण-5 के नाम से भी जाना जाता है। सूर्यकिरण का अर्थ सूर्य की किरण है। प्रदर्शन के दौरान नौ विमानों की एक साथ उड़ान सूर्य की किरणों जैसी आकृति का एहसास कराती है।

टीम भावना और आपसी विश्वास सबसे जरूरी
स्क्वाड्रन लीडर भावेश शर्मा ने बताया कि सूर्यकिरण टीम का उद्देश्य फाइटर जेट उड़ाने की बुनियादी तकनीकों और उड़ान के दौरान आने वाली चुनौतियों को प्रदर्शन के माध्यम से दिखाना है। भारतीय वायुसेना में पायलट का काम केवल विमान उड़ाना नहीं, बल्कि पूरी टीम के साथ समन्वय बनाकर काम करना भी है। इसके लिए टीम भावना, आपसी तालमेल और एक-दूसरे पर अटूट विश्वास बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2014 से भारतीय वायुसेना में हैं। हवा में बिताया गया हर पल उनके लिए महत्वपूर्ण होता है और हर क्षण कुछ नया सिखाता है। उड़ान के दौरान कई चुनौतियां आती हैं, लेकिन अभ्यास, अनुशासन और टीम के सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय से उनका सामना किया जाता है।

स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टर से दुनिया को दिखा रही सारंग टीम
सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम की स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने बताया कि सारंग एशिया की एकमात्र पांच हेलिकॉप्टरों वाली डिस्प्ले टीम है। टीम भारत में निर्मित लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव के जरिए अपने हवाई करतबों का प्रदर्शन करती है। इसके माध्यम से भारतीय वायुसेना के अनुशासन, समर्पण, टीम भावना और स्वदेशी हेलिकॉप्टर की क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सारंग टीम का उद्देश्य केवल हवाई करतब दिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय वायुसेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करना भी है। वह चाहती हैं कि युवाओं में यह विश्वास पैदा हो कि यदि वे आसमान में उड़ान भरने का सपना देखते हैं तो उसे पूरा करना संभव है। इसके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है। फिटनेस और दृढ़ संकल्प के बल पर जीवन में निर्धारित लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

युवाओं को सपने पूरे करने का संदेश
दोनों पायलटों ने अपने अनुभवों के जरिए युवाओं को अनुशासन, मेहनत, फिटनेस और टीम भावना का संदेश दिया। भावेश शर्मा ने काशी की खूबसूरती का जिक्र करते हुए युवाओं को भविष्य में कॉकपिट तक पहुंचने का सपना देखने के लिए प्रेरित किया, वहीं अंकिता सिंह ने स्वदेशी तकनीक और भारतीय वायुसेना की उपलब्धियों के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास जगाने पर जोर दिया। गंगा के ऊपर विमानों और हेलिकॉप्टरों के करतबों के साथ पायलटों के ये संदेश एयर शो को युवाओं के लिए प्रेरणादायी अनुभव बना गए।
तस्वीरें .....














