कंचनपुर की कॉलोनियां गंदे पानी में डूबीं, घरों में घुस रहा नाली-सोख्ता का दूषित जल; जिम्मेदारों से गुहार लगाकर थके लोग
अवधपुरी-मीरानगर में सीवर तक नहीं, सड़क ऊंची बनी तो कॉलोनियों में कैद हुआ बरसाती पानी; मंदिर तक पहुंचना दुश्वार
कॉलोनीवासियों का आरोप- पार्षद से लेकर राज्यमंत्री और विधायक तक लगाई गुहार, वर्षों बाद भी नहीं निकला समाधान; बोले- अब चुनाव में देंगे जवाब
वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास के तमाम दावों के बीच कंचनपुर स्थित अवधपुरी, मीरानगर समेत आसपास की कॉलोनियों के हजारों लोग बरसात में नारकीय हालात झेलने को मजबूर हैं। सीवर और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश होते ही पूरा इलाका गंदे पानी में डूब जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि नालियों और वेस्ट वाटर के साथ सोख्ता पिट तक का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। वर्षों से समस्या झेल रहे लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
बरेका से रिटायर हजारों कर्मचारियों का ठिकाना, फिर भी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहा इलाका
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के कंचनपुर केंद्रीय विद्यालय के आसपास अवधपुरी, मीरानगर समेत कई कॉलोनियां बसी हुई हैं। यहां बड़ी संख्या में बरेका के सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके परिवार रहते हैं। इनमें ज्यादातर पेंशनर्स हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हजारों की आबादी वाले इस इलाके में आज तक सीवर और बरसाती पानी की निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि थोड़ी तेज बारिश होते ही गलियां और घरों के आसपास का हिस्सा जलमग्न हो जाता है।
नाली का पानी ही नहीं, सोख्ता पिट तक उफना रहे; घरों में घुस रही गंदगी
कॉलोनीवासियों का कहना है कि जल निकासी नहीं होने के कारण बरसात का पानी कई दिनों तक जमा रहता है। नालियां उफनने लगती हैं और घरों से निकलने वाले वेस्ट वाटर के साथ सोख्ता पिट का गंदा पानी भी वापस घरों और गलियों में पहुंच रहा है। इससे दुर्गंध और गंदगी के बीच रहना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। लोगों के मुताबिक, अपने ही घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
10 साल सड़क को तरसे, सड़क बनी तो नई मुसीबत खड़ी हो गई
अवधपुरी कॉलोनी निवासी रविन्द्र विश्वकर्मा, ममता उपाध्याय, प्रदीप पांडेय रिंकू, ममता राय और यजुवेन्द्र सिंह समेत अन्य लोगों ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय और बरेका कंचनपुर कॉलोनी की बाउंड्री से सटे इस इलाके में सीवर और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। करीब 10 साल तक लोग ढंग की सड़क के लिए भी तरसते रहे। हाल ही में सड़क का निर्माण हुआ तो राहत मिलने की उम्मीद जगी, लेकिन कॉलोनीवासियों का आरोप है कि नई सड़क आसपास की कॉलोनियों के स्तर से करीब एक फुट ऊंची बना दी गई। इससे बारिश के पानी के निकलने का रास्ता और मुश्किल हो गया और पानी कॉलोनियों की तरफ भरने लगा।
लोगों का सवाल- पहले सीवर क्यों नहीं, सड़क बनाकर पानी का रास्ता क्यों रोका?
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी है कि सड़क निर्माण से पहले इलाके की जल निकासी और सीवर व्यवस्था पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। उनका कहना है कि पहले सीवर लाइन और पानी निकालने की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी, उसके बाद सड़क का निर्माण होना चाहिए था। अब ऊंची सड़क और सीवर के अभाव ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। कॉलोनीवासियों का सवाल है कि आखिर योजना बनाते समय यह क्यों नहीं देखा गया कि बारिश का पानी जाएगा कहां?
अवधेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचने में भी गंदे पानी की बाधा
अवधपुरी कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर स्थित अवधेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रहती है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि बरसात के बाद मंदिर के आसपास गंदा पानी जमा हो जाने से वहां तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। श्रद्धालुओं को गंदे पानी के बीच से होकर मंदिर जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल के आसपास भी जल निकासी की व्यवस्था न होना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
पार्षद से शिकायत कर थके लोग, समाधान का अब भी इंतजार
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर स्थानीय कंदवा पार्षद सुशीला देवी और पार्षद पति गोपाल से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का कहना है कि हर बारिश में समस्या विकराल रूप लेती है और बारिश खत्म होने के साथ जिम्मेदार भी इसे भूल जाते हैं। वर्षों से यही सिलसिला चलता आ रहा है।
राज्यमंत्री से भी लगाई गुहार, विधायक पर भी फूटा लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कंचनपुर निवासी पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा के सामने भी समस्या रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। रोहनिया विधायक सुनील पटेल को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि विधायक से पांच-छह बार समस्या बताई जा चुकी है, लेकिन पांच वर्षों में वह एक बार भी हालात देखने कॉलोनी नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधियों के सामने बार-बार समस्या रखे जाने के बाद भी समाधान नहीं होगा तो आखिर वे अपनी फरियाद लेकर जाएं कहां?
जिंदगी भर रेलवे की सेवा की, अब बुढ़ापे में गंदे पानी से जंग
इलाके में बड़ी संख्या में बरेका से सेवानिवृत्त कर्मचारी रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिंदगी का बड़ा हिस्सा सरकारी सेवा में गुजारने वाले बुजुर्ग आज अपने ही घर के सामने जमा गंदे पानी से परेशान हैं। कई पेंशनर्स के लिए जलभराव के बीच निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। परिवार के बच्चों को स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर जाने में परेशानी होती है। बारिश तेज होने पर लोगों की चिंता और बढ़ जाती है कि कहीं गंदा पानी दोबारा घरों में न घुस जाए।
‘विकास चाहिए तो पहले हमारे घरों से गंदा पानी निकालिए’
कॉलोनीवासियों का कहना है कि सड़क बना देना भर विकास नहीं है। सड़क के साथ सीवर, नाली और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करना भी जरूरी है। यदि सड़क ऐसी बने कि आसपास रहने वालों के घरों में ही पानी भरने लगे तो उसका फायदा क्या है? लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए और पूरे क्षेत्र के लिए स्थायी सीवर एवं ड्रेनेज योजना तैयार कर समस्या का समाधान किया जाए।
अब चेतावनी- समस्या नहीं सुलझी तो चुनाव में दिखेगा आक्रोश
लगातार शिकायतों के बाद भी राहत नहीं मिलने से कॉलोनीवासियों का गुस्सा अब राजनीतिक नाराजगी में बदलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अवधपुरी, मीरानगर और आसपास की कॉलोनियों की सीवर एवं जल निकासी की समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आगामी चुनाव में इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। लोगों का दावा है कि इस क्षेत्र के ज्यादातर परिवार लंबे समय से भाजपा के मतदाता रहे हैं, लेकिन बुनियादी समस्या की लगातार अनदेखी से उनमें भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि इस बार केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, उन्हें जमीन पर समाधान चाहिए।
देखें वीडियो
देखें तस्वीरें













