वाराणसी में 21356 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, डीएम ने उद्योग बंधु की मीटिंग में समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
वाराणसी। जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति एवं एमओयू क्रियान्वयन इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने उद्यमियों की समस्याओं और आगामी प्लानिंग पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने उद्मियों और निवेशकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। वाराणसी में 21356 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उपायुक्त उद्योग ने बैठक में जानकारी दी कि जनपद में अब तक कुल 192 एमओयू के माध्यम से ₹21,356.32 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 93 परियोजनाएं पूरी तरह से संचालित हो चुकी हैं, जिनमें ₹5228.54 करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इसके अलावा 26 परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है, जिससे आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।
बैठक में “निवेश मित्र पोर्टल” की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में पोर्टल पर प्राप्त 606 आवेदनों में से 406 को स्वीकृत किया जा चुका है, जो प्रशासनिक कार्यक्षमता को दर्शाता है। जिलाधिकारी ने वीडीए और अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे निवेशकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करें।
औद्योगिक आस्थान चांदपुर से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें विद्युत बिल भुगतान, लोडिंग-अनलोडिंग ट्रकों की व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं को लेकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने वाराणसी में बेहतर होते निवेश माहौल और प्रशासनिक सहयोग की सराहना की।
उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और वन विभाग द्वारा सूखे पेड़ों की कटाई जल्द कराने की मांग भी रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि जनपद में उद्योग स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण, त्वरित स्वीकृतियां और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे आगे आएं, जिला प्रशासन हर स्तर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

