अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : पुलिस लाइन में जगी योग की अलख, पुलिस कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों संग किया योग, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश
वाराणसी। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह पुलिस लाइन परिसर में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और योग साधकों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया।
सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। पूरे परिसर में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना था।

इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मियों को अक्सर तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में योग उन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने, शारीरिक रूप से फिट रहने और अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन करने में सहायता प्रदान करता है।
उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच किसी भी व्यक्ति की सफलता की आधारशिला हैं। साथ ही आम नागरिकों से भी प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकालने की अपील की, ताकि स्वस्थ और निरोग समाज का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम में एडिशनल पुलिस कमिश्नर, विभिन्न जोनों के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने एक साथ योगाभ्यास कर योग के महत्व को आत्मसात किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने "करें योग, रहें निरोग" के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योग दिवस का यह आयोजन पुलिस विभाग की स्वास्थ्य जागरूकता और फिटनेस के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।

