भारत टेक्स 2026" में काशी अपने ताने बाने की झलक दुनिया को दिखाएगी
काशी की शान और परंपरा की पहचान बन चुकी वाराणसी वस्त्र उद्योग अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने रंग बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार
'भारत टेक्स 2026' का आयोजन 14-17 जुलाई तक भारत मंडपम् में किया जा रहा है
योगी सरकार हस्तशिल्पियों और निर्यातकों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का दे रही मौका
वैश्विक विकास के ताने-बाने से जोड़ने का यह आयोजन भारत के संपूर्ण टेक्सटाइल इकोसिस्टम को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा
14 से अधिक देशों,7 हजार खरीदारों,1 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुकों,20 हजार से अधिक वस्त्र उत्पादों की प्रदर्शनी की संभावना
16 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस मेले में 1600 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे
उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य अपनी औद्योगिक संभावनाओं को प्रस्तुत करेंगे
योगी सरकार इस मंच के जरिए राज्य के वस्त्र उद्योग, को वैश्विक पहचान दिलाएगी
वाराणसी। काशी की शान और परंपरा की पहचान बन चुका वाराणसी वस्त्र उद्योग अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने रंग बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश सरकार की जीआई पंजीकृत उत्पाद अब 'भारत टेक्स 2026" में अपने ताने बाने की झलक दुनिया को दिखाएगी। 'भारत टेक्स 2026" का आयोजन 14 से 17 जुलाई 2026 तक प्रगति मैदान (भारत मंडपम्), नई दिल्ली में किया जा रहा है। योगी सरकार हस्तशिल्पियों और निर्यातकों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर दे रही है। वस्त्र उद्योग से जुड़े निर्माता और निर्यातक बनारसी साड़ी और रेडीमेड कपड़ो के अपने उत्पादों को भारत टेक्स 2026 के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान देंगे।

'भारत टेक्स 2026" में बनारसी सिल्क साड़ी और जरी की बनी बनारसी साड़ी, खास डिजाइन, महीन बुनकारी और सुनहरी कारीगरी से अपनी छाप इंटरनेशनल मार्केट में छोड़ेगी। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की उपायुक्त उद्योग (प्रवर्तन) कुसुम ने बताया कि नई दिल्ली के भारत मंडपम् में 14 से 17 जुलाई तक आयोजित होने वाले “भारत टेक्स 2026” में वाराणसी से जुड़े साड़ी, सिल्क और रेडीमेड वस्त्र उद्योग के 10 निर्माताओं एवं निर्यातकों ने अपने उत्पादों के प्रदर्शन के लिए पंजीकरण कराया है। यह आयोजन काशी की पारंपरिक बुनकरी और जरी कला को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।
भारत टेक्स 2026 को देश का सबसे बड़ा वैश्विक वस्त्र आयोजन माना जा रहा है। “भारतीय वस्त्र उत्कृष्टता को वैश्विक विकास के ताने-बाने से जोड़ने” का यह आयोजन भारत के संपूर्ण टेक्सटाइल इकोसिस्टम को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा। भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को वस्त्र मंत्रालय सहयोग कर रहा है।

चार दिवसीय इस आयोजन में देश-विदेश के निर्माता,निर्यातक,वैश्विक खरीदार फैशन ब्रांड, निवेशक,डिजाइनर,स्टार्टअप और नीति निर्माता शामिल होंगे। आयोजन में 7 हजार से अधिक खरीदारों, करीब 1.30 लाख व्यापारिक आगंतुकों और 20 हजार से अधिक वस्त्र उत्पादों के प्रदर्शन की संभावना जताई गई है। लगभग 16 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस मेले में 1600 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे। सरकार के 5F विज़न "फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन" से पर आधारित यह आयोजन वस्त्र उद्योग के लिए निवेश, व्यापार, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है ।

भारत टेक्स इस संस्करण में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, स्पेन, पुर्तगाल, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और नेपाल समेत 14 देशों के अंतरराष्ट्रीय वस्त्रउद्योग से जुड़े लोग भी हिस्सा ले रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की भागीदारी की सम्भावन भी आयोजन को खास बनाएगी।

भारत टेक्स 2026 में विभिन्न राज्यों के निवेशक संपर्क सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य अपनी औद्योगिक संभावनाओं और को प्रस्तुत करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार इस मंच के जरिए राज्य के वस्त्र उद्योग, विशेषकर बनारसी वस्त्र परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाएगी ।
वर्जन
काशी की बनारसी साड़ी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत और कारीगरों की पीढ़ियों की मेहनत का प्रतीक है। भारत टेक्स 2026 में इसकी मौजूदगी न केवल काशी के बुनकरों को नया बाजार देगी, बल्कि “लोकल से ग्लोबल” के विज़न को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
कुसुम
उपायुक्त उद्योग (प्रवर्तन) हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, वाराणसी

वर्जन
योगी सरकार बनारसी साड़ी के साथ-साथ अब वाराणसी में निर्मित रेडीमेड परिधानों को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। सरकार ने पहले विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों और कारीगरों को आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किया और अब उन्हें "लोकल से ग्लोबल" की उड़ान भरने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करा रही है।
राजेश कुमार जायसवाल
डायरेक्टर ,रेमेंस अपैरल

वर्जन
योगी सरकार वस्त्र उद्योग को आर्थिक और तकनीकी सहायता देने के साथ-साथ उसके प्रचार-प्रसार और वैश्विक ब्रांडिंग पर भी लगातार जोर दे रही है।इस वैश्विक मंच पर देश-विदेश के खरीदारों से सीधे संपर्क बनने से नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे बनारसी वस्त्र उद्योग, रेडीमेड परिधान निर्माताओं और स्थानीय रोजगार को नई मजबूती मिलेगी।
अहमद कैसर
निदेशक ब्रांड ,बनारज़ी

