योगी सरकार ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों को किया अलर्ट
एनडीआरएफ की प्री-पोजिशनिंग के तहत 42 जिलों में टीमें तैनात
वाराणसी में दो विशेष बचाव टीमें रिजर्व, रेस्क्यू बोट, डीप डाइवर्स और वाटर एम्बुलेंस भी तैयार
बाढ़ की आशंका के बीच रेस्क्यू उपकरणों और पैरामेडिकल टीम के साथ एनडीआरएफ पूरी तरह मुस्तैद
वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर, प्रयागराज सहित अन्य क्षेत्रों में सात विशेष बचाव टीमें तैनात
वाराणसी। भाजपा की डबल इंजन सरकार बाढ़ के संभावित खतरों को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। योगी सरकार ने बाढ़ की आशंका के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। वाराणसी स्थित 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ भी बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने प्री-पोजिशनिंग के तहत अपनी टीमों को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। वाराणसी स्थित 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों की जिम्मेदारी निभाती है।
बाढ़ की संभावित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 11वीं वाहिनी, एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से बाढ़ एवं वर्षा जनित आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर, प्रयागराज तथा अन्य क्षेत्रों में 7 विशेष बचाव टीमों को पहले से ही तैनात कर दिया गया है। एनडीआरएफ की सभी टीमें अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों, आवश्यक चिकित्सा संसाधनों, अनुभवी चिकित्सा अधिकारियों तथा विशेष रूप से प्रशिक्षित बचावकर्मियों के साथ पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वाराणसी में बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों को पहले से ही चिन्हित किया जा चुका है। इन क्षेत्रों में एनडीआरएफ की एक टीम रेस्क्यू मोटर बोट, डीप डाइवर्स, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, ऑक्सीजन सिलेंडर तथा अन्य आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ तैनात की गई हैं। इसके अलावा गंगा नदी में एनडीआरएफ की वाटर एम्बुलेंस भी पैरामेडिकल टीम के साथ तैनात है। वाराणसी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की 02 विशेष बचाव टीमों को रिज़र्व के रूप में रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इन टीमों को तत्काल किसी भी प्रभावित क्षेत्र में रवाना किया जा सकता है।
कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि सभी टीमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित राहत एवं बचाव कार्य करने के लिए पूर्णतः सक्षम हैं। सभी टीमें अपने-अपने तैनाती क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही खतरों वाले क्षेत्रों का आकलन कर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना भी तैयार रखी गई है।

इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ द्वारा स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवकों एवं सामुदायिक समूहों को बाढ़ तथा अन्य आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, प्राथमिक बचाव तकनीकों और आपदा जागरूकता का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे आपदा की स्थिति में स्वयं सुरक्षित रह सकें और आवश्यकता पड़ने पर प्रारंभिक स्तर पर प्रभावी सहयोग भी प्रदान कर सकें

