वाराणसी में पुलिस अफसरों ने गोद लिए 15 थाने, पहले चरण में 15 थानों की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई, अगले चरण में बाकी 15 भी लिये जाएंगे गोद
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में अपराध नियंत्रण और थानों की कार्यप्रणाली बेहतर करने के लिए नई पहल शुरू की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब थानों को गोद लेकर वहां की पुलिसिंग की सीधे निगरानी करेंगे। पहले चरण में कमिश्नरेट के 15 थानों को अधिकारियों ने गोद लिया है, जबकि दूसरे चरण में शेष 15 थानों की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को दी जाएगी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने चौक थाने को गोद लिया है और मंगलवार को वहां पहुंचकर कामकाज की विस्तृत समीक्षा की।
इस व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारी अपने गोद लिए थाने में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी करेंगे। इसके साथ पुलिसकर्मियों की मेस, साफ-सफाई और रहने-खाने की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रत्येक थाने पर डेडिकेटेड एप्रोच के साथ काम होने के साथ अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। यह भी देखा जा सकेगा कि कौन अधिकारी अपने गोद लिए थाने में अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसिंग की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित कर रहा है।

चौक थाने पहुंचे पुलिस कमिश्नर, पुलिसिंग का लिया जायजा
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को अपने गोद लिए चौक थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से बातचीत कर थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इसके साथ ही CCTNS पर किए जा रहे काम को भी देखा।
पुलिस कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों को आम लोगों की शिकायतों का तेजी से निस्तारण करने और पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीम भावना, अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
168 कालबाधित विवेचनाएं, एक महीने में निस्तारण का अभियान
पुलिस कमिश्नर ने काशी जोन के थानों में लंबित कालबाधित विवेचनाओं की भी समीक्षा की। कमिश्नरेट में 168 कालबाधित विवेचनाओं के निस्तारण के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

समीक्षा के दौरान विवेचनाओं की प्रगति, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की स्थिति की जानकारी ली गई। संबंधित राजपत्रित अधिकारियों को नियमित पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए। विवेचकों से प्रत्येक मामले में वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य जुटाने को कहा गया।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। पीड़ित को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
व्यापारियों ने उठाए जाम, पार्किंग, नशा और जुआ के मुद्दे
पुलिस कमिश्नर ने काशी जोन के व्यापारियों के साथ भी बैठक की। व्यापारियों ने उनके सामने पार्किंग, जाम, नशा, जुआ और अन्य स्थानीय समस्याओं को रखा। पुलिस कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की अपील की। किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा, ताकि अपराध रोकने में पुलिस को समय पर मदद मिल सके।
दो महिला पुलिसकर्मियों को मिला नगद पुरस्कार
निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने CCTNS पर तैनात महिला आरक्षी विद्या सिंह और प्रतिभा सिंह के काम की जानकारी ली। बेहतर कार्य और दक्षता के लिए दोनों की सराहना करते हुए उन्हें 500-500 रुपये का नगद पुरस्कार दिया।
इसके बाद चौक थाने में बड़ाखाना आयोजित हुआ। पुलिस कमिश्नर ने थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इसमें हिस्सा लिया और उनसे संवाद किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
इस दौरान पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त, पुलिसकर्मी और व्यापारी मौजूद रहे।

