गोमती जोन में नई डीसीपी नीतू कादयान कानून-व्यवस्था की समीक्षा की, मातहतों की कसी नकेल, दिए कड़े निर्देश

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वाराणसी। गोमती जोन डीसीपी नीतू कादयान ने कार्यभार संभालते ही सख्त रुख अपनाते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। बुधवार को उन्होंने जोन के सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों के साथ परिचयात्मक एवं समीक्षा बैठक की। इस दौरान कानून व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही मातहतों को कड़े निर्देश दिए। 

पुलिस उपायुक्त ने क्षेत्र की मौजूदा कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की और अपराध नियंत्रण, गश्त व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील, शिष्ट और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीसीपी ने आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक के उपयोग को अनिवार्य बताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने ई-साक्ष्य ऐप के जरिए सभी मामलों में समयबद्ध और सटीक SID जनरेट करने के निर्देश दिए, ताकि विवेचना में देरी या त्रुटि न हो और सभी मामलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित बना रहे।

उन्होंने बीट व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया। सभी बीट आरक्षियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हो सके। इसके साथ ही ‘यक्ष ऐप’ पर सभी जरूरी प्रविष्टियों को नियमित रूप से अपडेट करने और ऐप आधारित कार्यप्रणाली को गंभीरता से अपनाने के निर्देश दिए गए।

न्यायालय से जारी सम्मन, नोटिस, बीडब्ल्यू और एनबीडब्ल्यू की शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इ-सम्मन पोर्टल की नियमित जांच कर सभी प्राप्त सम्मनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए और बिना देरी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। थानों में बाहरी व्यक्तियों या दलालों के हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित रखने और पारदर्शी पुलिसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।

अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए गो-तस्करी, अवैध शराब निर्माण और जुआ जैसे अपराधों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर लंबित प्रशिक्षण शीघ्र पूरा करने को कहा गया, ताकि उनकी कार्यक्षमता और दक्षता में सुधार हो सके।

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