आईआईटी-बीएचयू में छात्रों को मिली परिवहन की नई सौगात, दो नई बसों का शुभारंभ
वाराणसी। IIT BHU में विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में संस्थान ने दो नई बसें अपने बेड़े में शामिल की हैं। सोमवार को स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर (एसएसी) में आयोजित कार्यक्रम में आईआईटी-बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने दोनों नई बसों का औपचारिक शुभारंभ किया। बसों के संचालन से विद्यार्थियों को परिसर में आवागमन के लिए अधिक सुविधाजनक और सुगम परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सुगम और प्रभावी परिवहन व्यवस्था संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। परिसर में विद्यार्थियों की दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई बसों के संचालन से छात्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में सुविधा होगी। साथ ही संस्थान की मौजूदा परिवहन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

संस्थान प्रशासन के अनुसार, नई बसों का संचालन विद्यार्थियों की परिवहन संबंधी जरूरतों और परिसर में उनकी आवाजाही को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इससे खासकर विभिन्न शैक्षणिक विभागों, छात्रावासों और संस्थान के अन्य प्रमुख स्थानों के बीच आवागमन में सुविधा मिलने की संभावना है। नई बसों को परिवहन व्यवस्था में शामिल किए जाने से छात्रों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थान का प्रयास और मजबूत हुआ है।
कार्यक्रम में कुलसचिव सुमित कुमार बिस्वास, अधिष्ठाता फैकल्टी अफेयर्स प्रो. एनके मुखोपाध्याय, अधिष्ठाता (स्टूडेंट्स अफेयर्स) प्रो. राजेश कुमार, सहायक अधिष्ठाता प्रो. मेधा झा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. संजय सिंह, चेयरमैन CoW प्रो. राकेश कुमार सिंह, PIC-Admin प्रो. रंजीत महंती, प्रो. इन-चार्ज-TPO प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव और को-इनचार्ज-TPO डॉ. सूर्य देव यादव मौजूद रहे।
इसके अलावा स्टूडेंट्स पार्लियामेंट के उपाध्यक्ष, उपकुलसचिव (फैकल्टी अफेयर्स) सुधांशु शुक्ला, उपकुलसचिव (RISE एवं Office of the Dean Resource & Alumni) डॉ. देवेंद्र प्रताप, सहायक कुलसचिव (बजट) प्रदीप दुबे समेत संस्थान के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। संस्थान प्रशासन ने उम्मीद जताई कि दो नई बसों के संचालन से विद्यार्थियों के दैनिक आवागमन को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। यह पहल परिसर में छात्र-केंद्रित सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।

