QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT (BHU) का शानदार प्रदर्शन, विश्व रैंकिंग में 56 स्थानों की बढ़त

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। IIT BHU ने वैश्विक उच्च शिक्षा जगत में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अपनी स्थिति को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है। संस्थान ने पिछले वर्ष की तुलना में 56 स्थानों की छलांग लगाते हुए विश्व रैंकिंग में 566वें स्थान से बढ़कर 510वां स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी IIT (BHU) का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। भारतीय संस्थानों की सूची में संस्थान 14वें स्थान से आगे बढ़कर 12वें स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता तथा उद्योग जगत में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।

QS रैंकिंग के अनुसार IIT (BHU) का कुल स्कोर 29.3 से बढ़कर 32.1 हो गया है। संस्थान ने पहली बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2023 में 651-700 श्रेणी में स्थान बनाया था। इसके बाद लगातार प्रगति करते हुए अब यह विश्व स्तर पर 510वीं रैंक तक पहुंच गया है, जो इसकी निरंतर उन्नति का प्रमाण है।

रैंकिंग में सुधार के पीछे कई प्रमुख मानकों पर बेहतर प्रदर्शन रहा है। सस्टेनेबिलिटी स्कोर 48.3 से बढ़कर 58.4 हो गया है, जबकि एम्प्लॉयर रेपुटेशन स्कोर 19.4 से बढ़कर 28.7 तक पहुंच गया। एकेडमिक रेपुटेशन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जहां स्कोर 10.3 से बढ़कर 15.2 हो गया। इसके अलावा इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क स्कोर 30.5 से बढ़कर 30.9 हो गया, जो वैश्विक शोध सहयोगों के विस्तार को दर्शाता है।

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग विभिन्न मानकों के आधार पर तैयार की जाती है, जिनमें एकेडमिक रेपुटेशन, सिटेशन्स प्रति फैकल्टी, एम्प्लॉयर रेपुटेशन, एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, इंटरनेशनल फैकल्टी नेटवर्क, इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क, इंटरनेशनल स्टूडेंट्स रेशियो तथा सस्टेनेबिलिटी जैसे प्रमुख संकेतक शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए IIT (BHU) के निदेशक Prof. Amit Patra ने कहा कि यह सफलता संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और शोधकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में संस्थान विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बनाने में सफल होगा।

इंस्टीट्यूट रैंकिंग समिति के उपाध्यक्ष Prof. Vikas Kumar Dubey ने कहा कि अत्यंत प्रतिस्पर्धी वैश्विक रैंकिंग में 56 स्थानों का सुधार संस्थान की निरंतर प्रगति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का स्पष्ट संकेत है।

Share this story