इग्नू का 39वां दीक्षांत समारोह : 3.24 लाख विद्यार्थियों को मिली उपाधि, वाराणसी केन्द्र की छात्राओं ने जीते गोल्ड मेडल

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का 39वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को देशभर में गरिमा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। मुख्य समारोह नई दिल्ली स्थित मुख्यालय मैदानगढ़ी में आयोजित हुआ, जबकि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर स्थित महामना सभागार में क्षेत्रीय स्तर पर समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी एवं क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उपेन्द्र नभ त्रिपाठी द्वारा मां सरस्वती और महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

123

प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि इग्नू ने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से देश के कोने-कोने तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 50 प्रतिशत तक पहुंचाने में इग्नू की भूमिका निर्णायक होगी।

123

क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उपेन्द्र नभ त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष देशभर में कुल 3,24,835 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वाराणसी क्षेत्रीय केन्द्र से 4,092 विद्यार्थी दीक्षांत समारोह के लिए पात्र रहे, जिनमें 2205 परास्नातक, 1373 स्नातक, 429 डिप्लोमा और 85 प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

123

समारोह की खास उपलब्धि यह रही कि वाराणसी क्षेत्रीय केन्द्र की छात्रा इशिता त्रिपाठी (बीए) और रोली सिंह (बीए लोक प्रशासन) को राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। वहीं बीकॉम की छात्रा शिवानी भोलेनाथ चौरसिया को प्रोफेसर आर.के. ग्रोवर एवं डॉ. डी.के. चौधरी पुरस्कार के तहत नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।

123

इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र वाराणसी ने रोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। वर्ष 2025 में आयोजित प्लेसमेंट अभियानों के माध्यम से 58 विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार मिला। इसके अलावा, छात्रों की सुविधा के लिए सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन की गई हैं और सूचना प्रसारण हेतु एसएमएस एवं सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

123

वर्तमान सत्र 2025-26 में क्षेत्रीय केन्द्र के अंतर्गत लगभग 16 हजार छात्र पंजीकृत हैं। 39 अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से पूर्वांचल के 19 जिलों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। हाल ही में महाराजगंज और आजमगढ़ में नए अध्ययन केन्द्र शुरू किए गए हैं, जिससे दूरदराज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में और आसानी होगी।

123

कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने भाग लिया। संचालन उप कुलसचिव बनमाली सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक कुलसचिव योगेश कुमार ने प्रस्तुत किया। समारोह के सफल आयोजन में क्षेत्रीय केन्द्र के सभी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Share this story