पेपर लीक के खिलाफ सोनम वांगचुक के समर्थन में वाराणसी में भूख हड़ताल, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग
वाराणसी। देश के प्रख्यात इंजीनियर एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक द्वारा पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी भूख हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को वाराणसी में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित की गई। जिला मुख्यालय स्थित शास्त्री घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव और जिला अध्यक्ष जितेंद्र यादव (मलिक) ने किया।
भूख हड़ताल में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुजीत यादव "लक्कड़ पहलवान", सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। वक्ताओं ने पेपर लीक की घटनाओं को देश के लाखों-करोड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने कहा कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस गंभीर समस्या पर जवाबदेही तय करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बना रहे।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव (मलिक) ने कहा कि सोनम वांगचुक लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज उठा रहे हैं। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, जिससे युवाओं का भरोसा कायम रह सके। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव "लक्कड़ पहलवान" ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और आंदोलन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनभावनाओं की लगातार अनदेखी करती रही तो छात्र-युवाओं के हित में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए सरकार से पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। इस अवसर पर रविकांत विश्वकर्मा, आनंद यादव, दीपचंद गुप्ता, संदीप मिश्रा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और युवा मौजूद रहे।

