कश्मीरीगंज में जलभराव और सीवर की समस्या से आक्रोशित सैकड़ों नागरिकों ने पीएम जनसंपर्क कार्यालय पर दिया धरना

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श्रीराम मंदिर, जैन मंदिर समेत कई गलियों में घुटने तक पानी भरने से लोग परेशान, पार्षद-मेयर और विधायक के खिलाफ की नारेबाजी

वाराणसी। खोजवा क्षेत्र के कश्मीरीगंज में बरसात के मौसम में जलभराव और सीवर की गंभीर समस्या को लेकर शुक्रवार को स्थानीय नागरिकों का आक्रोश फूट पड़ा। समस्या से परेशान सैकड़ों स्थानीय नागरिक और बटुक प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जलभराव और सीवर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कश्मीरीगंज खोजवा क्षेत्र में बारिश होते ही स्थिति बद से बदतर हो जाती है। श्रीराम मंदिर, जैन मंदिर सहित आसपास की कई गलियों में थोड़ी सी बारिश के बाद ही घुटने तक पानी भर जाता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक गलियों में जमा रहता है। इसके चलते लोगों को गंदे और सीवरयुक्त पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ता है।

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बारिश के बाद घरों से निकलना भी मुश्किल
प्रदर्शन कर रहे नागरिकों ने आरोप लगाया कि जलभराव के साथ ही क्षेत्र में सीवर की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। बारिश का पानी और सीवर का गंदा पानी सड़कों व गलियों में जमा होने से दुर्गंध फैलती है और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना था कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत होती है। कई बार लोगों को जरूरी काम के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

नागरिकों ने कहा कि बरसात के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं। जलभराव के कारण सड़क और गड्ढों का पता नहीं चलने से हादसे का भी खतरा बना रहता है।

जनप्रतिनिधियों को पत्र देने के बावजूद समाधान नहीं
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि क्षेत्र की समस्या से स्थानीय पार्षद, मेयर और विधायक समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। स्थानीय लोगों ने पत्र देकर जलनिकासी और सीवर व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी की, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

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नागरिकों का आरोप था कि हर साल बरसात के दौरान यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के बजाय केवल अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कवायद की जाती है। इससे कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।


पीएम जनसंपर्क कार्यालय के बाहर नारेबाजी
समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज सैकड़ों नागरिक और बटुक प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय पहुंच गए। यहां लोगों ने धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि क्षेत्र में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, सीवर लाइन की समस्या को दूर किया जाए और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से लोगों को राहत दिलाई जाए।

विधायक नीलकंठ तिवारी ने की वार्ता, आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर विधायक नीलकंठ तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे स्थानीय नागरिकों और बटुकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने विधायक के सामने जलभराव, सीवर और जलनिकासी की समस्या को प्रमुखता से रखा।

विधायक ने नागरिकों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया और लोग वापस लौट गए। स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जलभराव और सीवर समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बरसात के दौरान क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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