ग्राम प्रहरियों के मानदेय में 40 फीसदी की वृद्धि, अब मिलेंगे 3500 रुपये, योगी सरकार देगी 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
वाराणसी में 14 चौकीदारों सहित उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों का हुआ सम्मान
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में आयोजित हुआ समारोह
वाराणसी। ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, सूचनाओं के संकलन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के सम्मान में मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित ब्रीफिंग हॉल में उत्तर प्रदेश ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 14 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों, खेल प्रतिभाओं और समाज की तीन सशक्त महिलाओं का भी अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। योगी सरकार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि करते हुए 2500 की बजाय 3500 रुपये कर दिया है। साथ ही 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की भी घोषणा की है।

समारोह में आयुष विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह और पिंडरा विधायक अवधेश कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। पुलिस आयुक्त ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
मानदेय में 40 प्रतिशत वृद्धि, अब मिलेंगे 3500 रुपये
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अपने संबोधन में ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मानदेय में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद अब ग्राम प्रहरियों को 2500 रुपये के स्थान पर 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसके अतिरिक्त पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्णय को भी उनके हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग के अभिन्न अंग हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर वे स्थानीय गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और संभावित विवादों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाते हैं। उनकी सूचनाओं से अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।
ग्रामीण पुलिसिंग की मजबूत नींव हैं ग्राम प्रहरी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र के रूप में काम करते हैं। गांवों में होने वाली घटनाओं, आपसी विवादों और सामाजिक तनाव की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका अहम है। स्थानीय परिस्थितियों की समझ और अनुभव के आधार पर वे पुलिस को जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने में सहयोग देते हैं।

उन्होंने ग्राम प्रहरियों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधियों ने भी ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उनके सामाजिक दायित्वों और जनसेवा के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।
14 ग्राम प्रहरियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
समारोह में वाराणसी कमिश्नरेट के 14 ग्राम प्रहरियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था को सहयोग देने वाले कर्मियों के योगदान को पहचान देना और उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना रहा।

मिशन शक्ति के तहत महिला पुलिसकर्मियों का अभिनंदन
मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाली महिला कांस्टेबल प्रियंका पटेल, चांदनी पटेल और संध्या राय को सम्मानित किया गया। इसके अलावा सराहनीय कार्य करने वाली महिला उपनिरीक्षक मेघा सोलंकी, मानसी वर्मा तथा महिला कांस्टेबल लक्ष्मी तिवारी, विजया, हेमा वाजपेई और मोनी यादव को भी सम्मान मिला।
समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली तीन सशक्त महिलाओं का भी अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धियों और उनके कार्यों की सराहना करते हुए महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन राजेश पाण्डेय, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं अपराध/जनसुनवाई विनीत भटनागर सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से ग्राम प्रहरियों, महिला पुलिसकर्मियों और समाज की सशक्त महिलाओं के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया गया। मानदेय वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा के निर्णय को ग्राम प्रहरियों के कल्याण से जोड़ते हुए ग्रामीण पुलिसिंग में उनकी सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।


