होली का उल्लास: काशी के बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी की धूम, छह घंटे तक करेगी रंगो की बौछार
वाराणसी। होली का त्योहार नजदीक आने के साथ ही काशी के बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है। इस बार पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। बैटरी से चलने वाली यह आधुनिक पिचकारी एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 6 घंटे तक लगातार फुहार छोड़ सकती है, जिससे बच्चे और युवा खासे उत्साहित हैं।

व्यापारियों के अनुसार यह पिचकारी कुछ ही घंटों में पूरी तरह चार्ज हो जाती है और उसके बाद लंबे समय तक लगातार चलती रहती है। बाजार में इसकी कीमत 700 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है। कीमत अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद ग्राहकों की मांग में कोई कमी नहीं है।

दुकानदारों को माल उपलब्ध कराने में परेशानी
बाजार के दुकानदार सोनू ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी की डिमांड उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। “ग्राहकों की मांग के अनुसार माल उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है। जैसे-तैसे स्टॉक मंगाकर लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि यह पिचकारी चलाने में बेहद आसान है। छोटे बच्चे भी इसे आसानी से ऑपरेट कर सकते हैं। पारंपरिक पिचकारी की तरह बार-बार पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे बच्चों को लगातार खेलने का मौका मिलता है।

पारंपरिक से हाईटेक होती जा रही होली
काशी में जहां एक ओर गुलाल और पारंपरिक पिचकारियों की खरीदारी जारी है, वहीं नई तकनीक ने होली के बाजार को हाईटेक बना दिया है। इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी की लंबी बैटरी लाइफ और तेज फुहार इसे खास बनाती है। हालांकि इसकी कीमत भी लोगों को सोच में डाल दे रही है।

होली से पहले काशी के प्रमुख बाजारों जैसे लंका, गोदौलिया, चौक और सिगरा में इन पिचकारियों की खूब बिक्री हो रही है। रंगों के इस पर्व पर इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है और इस बार की होली को और भी रंगीन और आधुनिक बना दिया है।

