315 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, निर्माण के दौरान भी मरीजों को मिलती रहेंगी सभी सुविधाएं, डीएम ने किया निरीक्षण
वाराणसी। कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त (एसएसपीजी) मंडलीय राजकीय चिकित्सालय में प्रस्तावित 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हाईटेक अस्पताल के निर्माण कार्य को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान भी मरीजों को चिकित्सा सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रखी जाए।

निरीक्षण के बाद मंडलीय महिला चिकित्सालय परिसर स्थित एमएच विंग सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, एसएसपीजी अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, जिला महिला चिकित्सालय के अधिकारियों, लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं तथा निर्माण कार्य से जुड़ी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि अस्पताल के निर्माण के दौरान एसएसपीजी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को अस्थायी रूप से मंडलीय महिला चिकित्सालय परिसर के नवनिर्मित एमएच विंग में स्थानांतरित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक माह के भीतर एमएच विंग में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि मरीजों का स्थानांतरण बिना किसी परेशानी के किया जा सके।

उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि एमएच विंग में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त क्षमता के जनरेटर, सभी बेड पर सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सप्लाई, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और निर्माण कार्य के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को एक माह के भीतर सभी तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल के निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और मरीजों का उपचार भी निर्बाध रूप से जारी रह सके। गौरतलब है कि एसएसपीजी मंडलीय राजकीय चिकित्सालय में लगभग 315.48 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है। परियोजना के तहत पुराने जर्जर भवनों को हटाकर बेसमेंट सहित आठ मंजिला (जी+8) मुख्य अस्पताल भवन का निर्माण होगा, जबकि चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवास के लिए बेसमेंट सहित 14 मंजिला (जी+14) अलग टावर बनाया जाएगा।
नए अस्पताल में हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, किडनी रोग, यूरोलॉजी, गैस्ट्रो मेडिसिन, प्लास्टिक सर्जरी और डायलिसिस जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 47 आईसीयू बेड, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक प्रयोगशालाओं जैसी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे पूर्वांचल के मरीजों को उन्नत उपचार के लिए अन्य महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

