हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने सपरिवार देखी दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती, लिखा-आरती दर्शन करना अत्यंत सौभाग्य
वाराणसी। काशी के ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की भव्य आरती में रविवार शाम हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता अपनी पत्नी और पारिवारिक सदस्यों के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वैदिक विधि-विधान से मां गंगा का पूजन-अर्चन किया और भव्य गंगा आरती का दर्शन कर भाव-विभोर नजर आए।

गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित इस दैनिक आरती में राज्यपाल ने पूरे श्रद्धा भाव से भाग लिया। आरती के मंत्रोच्चार, दीपों की श्रृंखला और गंगा तट पर गूंजती घंटियों की ध्वनि के बीच उन्होंने मां गंगा के समक्ष प्रणाम कर देश और समाज की समृद्धि की कामना की।

आरती के उपरांत राज्यपाल ने गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने विचार भी लिखे। उन्होंने कहा कि वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पवित्र आरती का दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने लिखा कि शाम के समय गंगा आरती का दिव्य दृश्य अद्भुत और आध्यात्मिक अनुभूति देने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया जाता है, जो हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं को मिले सम्मान का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों ने राज्यपाल और उनके परिवार का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी तथा सचिव सुरजीत सिंह और हनुमान यादव ने उन्हें अंगवस्त्र, रुद्राक्ष की माला, स्मृति चिह्न और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया।


