स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग से रोशन होंगे हाईवे, वाराणसी में एक ही जगह से होगी निगरानी, लागू होगा सीएमएस
वाराणसी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पूर्वांचल के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब वाराणसी से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्मार्ट एलईडी वेब-बेस्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएस) लागू किया जाएगा, जिसके माध्यम से हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइटों की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी।
इस नई तकनीक के जरिए न सिर्फ लाइटों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी, बल्कि उन्हें ऑटोमेटिक तरीके से ऑन और ऑफ भी किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम के लागू होने से बिजली की बचत के साथ रखरखाव व्यवस्था भी बेहतर होगी। एनएचएआई वाराणसी कार्यालय से जुड़े पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह आधुनिक व्यवस्था लागू की जा रही है।
विभाग का लक्ष्य है कि आगामी 30 सितंबर 2026 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाए। बताया जा रहा है कि इस परियोजना की शुरुआत सबसे पहले वाराणसी-रमना सेक्शन (एनएच-35), जौनपुर-लालगंज (एनएच-35), लालगंज-देवगांव (एनएच-135), आजमगढ़-मऊघाट मार्ग, वाराणसी (एनएच-233), सुल्तानपुर-वाराणसी (एनएच-56), वाराणसी रिंग रोड-बाबतपुर हाईवे तथा सैदपुर-बाबतपुर मार्ग पर की जाएगी।
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक हाईवे पर लगने वाली स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों को विशेष एलईडी वेब-बेस्ड पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस पोर्टल के जरिए एक ही स्थान से सभी लाइटों की मॉनिटरिंग संभव होगी। यदि किसी क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट खराब होती है तो उसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी, जिससे मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा सकेगा।
नई व्यवस्था में ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम भी शामिल होगा, जिसके तहत रात होने पर लाइटें स्वतः जलेंगी और सुबह होने पर बंद हो जाएंगी। इससे बिजली की खपत कम होगी और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। विभाग का मानना है कि स्मार्ट तकनीक लागू होने से हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार होगा।

