मलदहिया फूलमंडी मामले में हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, सुबह से शाम तक खुलेगी फूल मंडी, तैनात रहेंगे गार्ड
वाराणसी। मलदहिया स्थित फूलमंडी को लेकर चले आ रहे विवाद में नगर निगम को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशाल दुबे द्वारा दाखिल याचिका को खारिज करते हुए नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस निर्णय के बाद न केवल फूलमंडी को लेकर निगम की स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में प्रशासन की कार्रवाई का रास्ता भी साफ हो गया है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित भूमि पर विशाल दुबे बीते लगभग 40 वर्षों से अवैध रूप से काबिज थे और किसानों से फूल मंडी में व्यापार के नाम पर वसूली की जा रही थी। निगम की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि अब इस फूलमंडी को किसानों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क कर दिया गया है, जिससे वे बिना किसी डर और आर्थिक दबाव के अपना व्यापार कर सकें।
नगर निगम ने हाईकोर्ट को अवगत कराया कि अब तक करीब 80 किसानों को फूलों की बिक्री के लिए स्थान आवंटित किया जा चुका है। साथ ही यह भी बताया गया कि विशाल दुबे का पीला कार्ड निरस्त करते हुए 14 जनवरी को निगम ने विधिवत रूप से कब्जा प्राप्त कर लिया था और किसानों को व्यापार की अनुमति दे दी गई थी। इसके बावजूद मंडली में जाकर वसूली की बातें सामने आईं। नगर निगम ने 19 जनवरी को पुनः फूलमंडी को सील कर दिया।
निगम के अनुसार, विशाल दुबे को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया था और स्वयं नगर आयुक्त ने मामले की सुनवाई की थी। इसके अतिरिक्त उसके पास सिविल न्यायालय में जाने का विकल्प भी उपलब्ध था, लेकिन उसने सीधे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
फूलमंडी को व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से संचालित करने के लिए नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की है। मंडी में चार सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, जो दो पालियों में ड्यूटी करेंगे। सुबह छह बजे से दोपहर बारह बजे तक दो गार्ड और दोपहर बारह बजे से शाम छह बजे तक दो गार्ड तैनात रहेंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी जाएगी।
इस बीच, भय और अवैध वसूली का माहौल खत्म होने के बाद किसानों का भरोसा नगर निगम पर बढ़ा है। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि अब तक 81 किसानों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यदि किसान पूर्व में की गई अवैध वसूली की शिकायत करते हैं, तो संबंधित व्यक्ति से रिकवरी की कार्रवाई भी की जाएगी। निगम का उद्देश्य है कि फूलमंडी पूरी तरह पारदर्शी और किसानों के हित में संचालित हो।

