स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की विशेष तैयारी, कोरोना की तर्ज पर होगी जांच और इलाज

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वाराणसी। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वाराणसी में भी सतर्कता बढ़ा दी है। जिले में फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है, लेकिन मौसम में बदलाव के बीच बुखार और बदन दर्द की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संभावित संक्रमण से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू की आशंका वाले मरीजों की जांच और उपचार के लिए कोरोना महामारी के दौरान अपनाए गए प्रोटोकॉल की तर्ज पर व्यवस्था की जाएगी। किसी मरीज की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसके संपर्क में आए लोगों की भी जांच कराई जाएगी, ताकि संक्रमण की संभावित कड़ी का पता लगाया जा सके।

स्वास्थ्य टीम संदिग्ध मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री भी जुटाएगी। इसके माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि मरीज हाल के दिनों में किन स्थानों पर गया था और कहीं वह ऐसे क्षेत्र के संपर्क में तो नहीं आया, जहां संक्रमण के मामले सामने आए हों।

बीएचयू लैब में होगी जांच
सीएम डॉ. एनपी सिंह के अनुसार सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के सैंपल निर्धारित प्रक्रिया के तहत एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद सभी सैंपल आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की उपचार व्यवस्था तय की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का कोई पुष्ट मरीज नहीं है, लेकिन ओपीडी में वायरल बुखार, बदन दर्द और अन्य मौसमी लक्षणों वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। अस्पतालों को भी संदिग्ध मामलों की पहचान और आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है तो उसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों की जांच कर संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के प्रयास किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेने और बिना जांच के स्वयं दवा लेने से बचने की अपील की है।

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