बीएचयू में हस्तनिर्मित राखियों की दिखी चमक, कुलपति ने राखी खरीदकर यूपीआई से किया भुगतान

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वाराणसी। बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र में शनिवार को दो दिवसीय राखी निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के निरीक्षण के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रतिभागियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण एवं आजीविका से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली। इस दौरान कुलपति ने एक हस्तनिर्मित राखी खरीदकर उसका भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया।

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कुलपति के पहुंचने पर सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अशोक कुमार उपाध्याय, केंद्र के समन्वयक डॉ. आलोक कुमार पांडेय, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और प्रशिक्षणार्थियों ने स्वागत किया। प्रदर्शनी में विभिन्न रंगों, डिजाइन और सामग्रियों से तैयार राखियां प्रदर्शित की गईं। प्रतिभागियों ने राखी तैयार करने की प्रक्रिया और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में कुलपति को जानकारी दी।

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प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बाजार से जोड़ना आवश्यक है। इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आय-सृजन के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच विकसित करने पर भी जोर दिया।

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कुलपति ने स्वयं राखी खरीदकर डिजिटल भुगतान किया, जिससे प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह बढ़ा। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों की बिक्री में डिजिटल भुगतान की सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे स्थानीय उत्पादों को आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।


कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम में समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र की विभिन्न गतिविधियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें महिला कौशल विकास, सिलाई एवं परिधान निर्माण, हस्तशिल्प, राखी और बैग निर्माण, वर्मी कंपोस्ट, ग्रामीण उद्यमिता, प्रशिक्षण कार्यक्रम और ग्रामीण समुदायों के साथ सहभागिता से जुड़े कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

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केंद्र के समन्वयक डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य शिक्षा और शोध को ग्रामीण समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार तथा आय-सृजन के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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कुलपति ने एमए आईआरडीएम के विद्यार्थियों और प्रशिक्षणार्थियों से भी संवाद किया। उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़े उनके अध्ययन, प्रशिक्षण और फील्डवर्क की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की शिक्षा कक्षा तक सीमित न रहकर समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़नी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझने के लिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव हासिल करना जरूरी है।

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ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने की जरूरत
कुलपति ने कहा कि ग्रामीण समुदायों को कौशल देने के साथ उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। प्रशिक्षण के साथ बिक्री, डिजिटल भुगतान, पैकेजिंग और बाजार की मांग की जानकारी मिलने पर प्रशिक्षणार्थी अपने कौशल को स्थायी आजीविका में बदल सकते हैं।

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कार्यशाला का संचालन नित्यानंद तिवारी और उनकी टीम के चंदन, खुशी, प्रीति, रीतिकेश एवं पुष्पराज के निर्देशन में किया गया। प्रतिभागियों को राखी निर्माण की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह, आरती विश्वकर्मा, अनिल कुमार, सतीश रामजी सुरेश, एमए आईआरडीएम के विद्यार्थी और केंद्र से जुड़े प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

BK Pathak
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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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