वाराणसी में स्वावलंबन, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए दौड़ी आधी आबादी, रन फॉर एम्पावरमेंट में 234 ने लिया हिस्सा 

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वाराणसी। मिशन शक्ति अभियान-5.0 के द्वितीय चरण के तहत महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “रन फॉर एम्पावरमेंट (मैराथन)” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन्स कमिश्नरेट परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें कुल 234 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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कार्यक्रम में एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इस मैराथन में महिला आरक्षियों, पुलिस लाइन परिवार की छात्राओं, विकास इंटर कॉलेज शिवपुर, डायनेमिक पब्लिक स्कूल फूलवरिया कैंट की छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं और वन स्टॉप सेंटर से जुड़ी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।

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इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। इनमें श्रीमती जमुना शुक्ला, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए वाराणसी की पहली महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का गौरव हासिल किया, श्रीमती शिप्रा धर, जिन्होंने ‘बेटी नहीं है बोझ’ अभियान के तहत 705 बेटियों का निःशुल्क जन्म कर समाज में नई सोच विकसित की, तथा श्रीमती एकता पारिक को सम्मानित किया गया।

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मैराथन के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबरों और अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पंपलेट वितरित किए गए। प्रतिभागियों को वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेंटर 181 और साइबर हेल्पलाइन 1930 सहित विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी गई।

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प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान अंजलि प्रजापति (कक्षा 9), द्वितीय स्थान छवि गुप्ता (कक्षा 9) और तृतीय स्थान तान्या गुप्ता (कक्षा 8) ने प्राप्त किया। विजेताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और उन्हें अपने सपनों को निर्भीक होकर पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।

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कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज में समानता और सम्मान सुनिश्चित करना है। इस आयोजन ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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