जीआरपी ने ढूंढ निकाले यात्रियों के गुमशुदा मोबाइल, खोया मोबाइल वापस पाकर यात्रियों के चेहरों पर खिली मुस्कान
वाराणसी। यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को मजबूत करते हुए जीआरपी ने एक सराहनीय पहल की। जीआरपी ने ट्रेन यात्रा के दौरान खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा। खोया मोबाइल वापस यात्रियों के चेहरे खिल उठे। जीआरपी सीओ कुंवर प्रताप सिंह के नेतृत्व में खोये मोबाइल वापस लौटाए गए।
इस अवसर पर सीओ ने बताया कि रेलवे यात्राओं के दौरान मोबाइल फोन गुम होना या चोरी हो जाना एक आम समस्या है। ऐसे मामलों में जीआरपी तत्काल कार्रवाई करते हुए सर्विलांस तकनीक की मदद से मोबाइल फोन की ट्रैकिंग कर उन्हें बरामद करती है। बरामदगी के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर और न्यायालय के आदेश के उपरांत मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे जाते हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक जीआरपी द्वारा लगभग 250 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जो विभिन्न राज्यों के यात्रियों के हैं। इनमें बिहार, मध्य प्रदेश सहित कई अन्य प्रदेशों से यात्रा करने वाले लोग शामिल हैं। मोबाइल मिलने के बाद यात्रियों में खुशी की लहर देखने को मिली और उन्होंने जीआरपी की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता की सराहना की।
सीओ ने कहा कि इस अभियान की सफलता में सर्विलांस सेल की भूमिका बेहद अहम रही है। संबंधित थानों के थाना प्रभारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने तकनीकी सहायता और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए मोबाइल फोन की बरामदगी सुनिश्चित की। टीमवर्क और तकनीक के समन्वय से यह अभियान सफल हो सका।

इस दौरान यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए और जीआरपी का आभार जताया। जीआरपी अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि यदि यात्रा के दौरान मोबाइल फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए, तो तुरंत नजदीकी जीआरपी थाने में इसकी सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी से मोबाइल की बरामदगी की संभावना काफी बढ़ जाती है। सीओ ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा जीआरपी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।

