शक्ति की आभा से दमकेगी शिव की काशी, 512 स्थानों पर विराजेंगी मां दुर्गा, नवरात्र सप्तमी से विजयदशमी तक दिखेगा मिनी बंगाल का नजारा

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बदरीनाथ से अंकोरवाट तक के वैभव की झलक दिखाएंगे भव्य पंडाल, इलेक्ट्रॉनिक झांकियों में गूंजेंगे धार्मिक और सामाजिक संदेश

11 अक्तूबर से शुरू होगा दुर्गा पूजा का आयोजन, शहर में छोटे-बड़े 512 सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित होंगी प्रतिमाएं

करीब 15 प्रमुख पूजा पंडालों में दिखेगी अनूठी थीम, आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक झांकियां होंगी आकर्षण

सनातन धर्म इंटर कॉलेज में 30 फीट ऊंची प्रतिमा, बदरीनाथ धाम की तर्ज पर बनेगा 60 फीट का पंडाल

हथुआ मार्केट में अंकोरवाट मंदिर और शिवपुर मिनी स्टेडियम में केदारनाथ धाम की स्थापत्य शैली की झलक

पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं के साथ नारी सशक्तीकरण, भारतीय संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर आधारित होंगे कार्यक्रम

रिपोर्ट - ओमकारनाथ

वाराणसी। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर काशी में तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले दुर्गोत्सव में सप्तमी से विजयदशमी तक शहर का माहौल मिनी बंगाल में तब्दील हो जाएगा। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के मुताबिक, इस वर्ष जिले में छोटे-बड़े कुल 512 सार्वजनिक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इनमें करीब 15 प्रमुख स्थानों पर भव्य पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कहीं बदरीनाथ धाम की भव्यता दिखेगी तो कहीं कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर का वैभव श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक झांकियों और सामाजिक संदेशों का संगम भी देखने को मिलेगा। 


हथुआ मार्केट, सनातन धर्म इंटर कॉलेज, जंगमबाड़ी, मच्छोदरी और शिवपुर मिनी स्टेडियम सहित कई स्थानों पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। अधिकांश पूजा समितियां पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं की स्थापना पर जोर दे रही हैं।

सनातन धर्म इंटर कॉलेज में 30 फीट ऊंची प्रतिमा
नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में इस बार मां दुर्गा की 30 फीट ऊंची और 15 फीट चौड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इसे उत्तर प्रदेश की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में शामिल करने की तैयारी है। कार्यवाहक अध्यक्ष सूरज जायसवाल ने बताया कि पंडाल को बदरीनाथ धाम की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी ऊंचाई करीब 60 फीट होगी।

पंडाल में लगभग पांच मिनट का इलेक्ट्रॉनिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें नूतन बालक, मां गंगा, भगवान महादेव और मां दुर्गा से जुड़े दृश्य दिखाए जाएंगे। प्रतिमा निर्माण के लिए बंगाल से आए करीब 35 कारीगर बांस, पुआल और गंगा की मिट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हथुआ मार्केट में दिखेगा अंकोरवाट का वैभव
हथुआ मार्केट स्थित प्रीमियर बॉयज क्लब की ओर से कंबोडिया के अंकोरवाट स्थित विष्णु मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। इसकी ऊंचाई करीब 80 से 90 फीट होगी। आयोजकों के अनुसार, पंडाल का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यहां तीन से चार मिनट का इलेक्ट्रॉनिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम में केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। धार्मिक स्थलों की स्थापत्य कला को साकार करने के लिए कारीगर दिन-रात जुटे हैं।

टाउन हॉल में शिवाजी को तलवार भेंट करती दिखेंगी मां दुर्गा
मैदागिन स्थित टाउन हॉल में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति की ओर से मां दुर्गा की अनूठी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसमें मां दुर्गा छत्रपति शिवाजी को तलवार भेंट करते हुए दिखाई देंगी। प्रतिमा का निर्माण गंगा की मिट्टी से किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, इसमें हानिकारक रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

यहां दुर्गा पूजा के दौरान प्रतिदिन शाम को करीब तीन घंटे शास्त्रीय संगीत के माध्यम से मां की आराधना होगी। आयोजन के जरिए भारतीय संगीत और संस्कृति को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

एलियन स्वरूप से लेकर आधुनिक प्रतिमाओं तक दिखेगी विविधता
इस बार काशी के पूजा पंडालों में पारंपरिक प्रतिमाओं के साथ आधुनिक कल्पनाओं का भी संगम देखने को मिलेगा। चेतगंज स्थित विद्यार्थी स्पोर्टिंग क्लब में मां दुर्गा को एलियन के रूप में दर्शाया गया है। नवाबगंज दुर्गाकुंड में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के चेहरे से प्रेरित प्रतिमा तैयार की गई है। वहीं, एक अन्य पंडाल में करीब 14 से 15 फीट ऊंचे सिंह पर हंसमुख कन्या के स्वरूप में भगवती के दर्शन होंगे। जिम स्पोर्टिंग क्लब, शारदा संघ और रामकृष्ण मठ समेत कई प्रमुख पूजा समितियां भी अलग-अलग थीम पर तैयारियां कर रही हैं।

इलेक्ट्रॉनिक झांकियों में दिखेगा नारी सशक्तीकरण का संदेश
तुलसीपुर स्थित गोल्ड स्पोर्टिंग क्लब में इलेक्ट्रॉनिक झांकी के माध्यम से नारी सशक्तीकरण का संदेश दिया जाएगा। झांकी में छेड़खानी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ शिक्षिका के दुर्गा स्वरूप में प्रतिकार का दृश्य दिखाया जाएगा।

पानदरीबा में हाईटेक भूत बंगला और गीता मंदिर में असुर वध का जीवंत दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। जगतगंज में समसामयिक घटनाओं पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने की तैयारी है। पूजा समितियां धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों के साथ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को भी झांकियों के जरिए सामने लाएंगी।

बनारसी हैंडलूम की साड़ी पहनेंगी मां दुर्गा
वरुणा पुल क्षेत्र में श्री श्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा की 12 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि मां को बनारसी हैंडलूम की साड़ी पहनाई जाएगी। इसके जरिए काशी की धार्मिक परंपरा के साथ स्थानीय हस्तशिल्प को भी प्रदर्शित किया जाएगा।


पांडेयपुर में 40 फीट ऊंचा आदियोगी थीम का पंडाल
पांडेयपुर स्थित खजुरी रोड पर काशी शारदीय उत्सव समिति की ओर से आदियोगी थीम पर करीब 40 फीट ऊंचा पंडाल तैयार किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष तुषार दुबे के अनुसार, मुख्य द्वार पर आदियोगी शिव की 30 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी।

पंडाल के भीतर करीब 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा महिषासुर का वध करते हुए स्वरूप में स्थापित की जाएगी। भव्य सज्जा और धार्मिक प्रस्तुति के जरिए श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव देने की तैयारी है।

बंगाल और बनारस की संस्कृति का दिखेगा संगम
दुर्गा पूजा के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों, मोहल्लों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। बंगाल से आए कारीगर पारंपरिक शैली में प्रतिमाओं को आकार दे रहे हैं, जबकि काशी के आयोजक स्थानीय संस्कृति, बनारसी कला और आधुनिक तकनीक को पंडालों में शामिल कर रहे हैं।

इस बार 512 सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमा स्थापना, भव्य पंडालों की विविध थीम, इलेक्ट्रॉनिक झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दुर्गोत्सव में आस्था, कला और सामाजिक संदेशों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

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