उदंत मार्तंड से डिजिटल युग तक हिंदी पत्रकारिता का गौरवशाली सफर, राष्ट्रहित सर्वोपरि : प्रेम शुक्ला

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वाराणसी। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदनमोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा “डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा, उसके बदलते स्वरूप, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों तथा लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की यात्रा ‘उदंत मार्तंड’ से शुरू होकर आज डिजिटल मीडिया के युग तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि उदंत मार्तंड हिंदी पत्रकारिता का पहला सोपान था और आज हिंदी पत्रकारिता अपने 200वें वर्ष में प्रवेश कर गौरवपूर्ण इतिहास का साक्षी बन रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजसेवी शिव प्रसाद गुप्त द्वारा स्थापित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

प्रेम शुक्ला ने कहा कि शिव प्रसाद गुप्त द्वारा शुरू किया गया ‘आज’ अखबार दशकों तक हिंदी पत्रकारिता की दिशा तय करता रहा और इसने राष्ट्रीय चेतना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समय-समय पर समाज को दिशा देने का कार्य किया है और डिजिटल युग में इसकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार और संगठन का मूल मंत्र “राष्ट्र प्रथम” है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा, एकता और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक ने पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। आज समाचार कुछ ही क्षणों में लोगों तक पहुंच रहे हैं, जिससे सूचना के प्रसार की गति और प्रभाव दोनों बढ़े हैं। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं न्यूज 18 समूह के पूर्व समूह संपादक प्रबल प्रताप सिंह, महामना मदनमोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह तथा कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी सहित अनेक शिक्षाविद, पत्रकार और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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