नव वर्ष पर सुगंधित फूलों के डिजाइनर गुलदस्तों का तोहफा, दिन भर गुलजार रहा फूल मार्केट, 40 रुपये से लेकर 2000 तक में बिके गुलदस्ते
वाराणसी। नव वर्ष के स्वागत में काशी के बाजारों में रंग, खुशबू और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। साल के पहले दिन को खास और यादगार बनाने के लिए शहरवासियों ने घरों, मंदिरों और पूजा स्थलों की सजावट में फूलों का भरपूर उपयोग किया। इसका असर यह रहा कि शहर की फूल मंडियां और स्थानीय फूल दुकानें दिनभर ग्राहकों से गुलजार रहीं। सुगंधित फूलों के डिजाइनर गुलस्ते 2000 रुपये तक में बिके।

सुबह होते ही लोग फूल खरीदने बाजारों की ओर निकल पड़े। गुलाब, गेंदा, जरबेरा और रजनीगंधा जैसे फूलों की मांग सबसे अधिक रही। लाल और पीले गुलाब प्रेम, शुभता और सकारात्मकता के प्रतीक बने, वहीं गेंदा और रजनीगंधा पूजा-अर्चना के लिए पहली पसंद रहे। मंदिरों में विशेष पूजा के साथ फूलों से आकर्षक सजावट की गई, जिससे धार्मिक स्थलों की रौनक और बढ़ गई।

नव वर्ष के अवसर पर फूलों का उपयोग केवल सजावट तक सीमित नहीं रहा। लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने के लिए सुंदर गुलदस्तों का भी तोहफा आदान-प्रदान किया। खासकर युवाओं में आकर्षक पैकिंग और थीम आधारित गुलदस्तों का क्रेज देखने को मिला। “हैप्पी न्यू ईयर” संदेशों के साथ सजे गुलदस्ते लोगों को खासा पसंद आए।

फूल विक्रेताओं ने नव वर्ष की बढ़ती मांग को देखते हुए पहले से ही खास तैयारियां कर रखी थीं। कोलकाता, पुणे और स्थानीय स्तर पर वाराणसी से ताजे फूलों की बड़ी खेप मंगाई गई थी। दुकानों पर छोटे गुलदस्तों से लेकर बड़े और विशेष डिज़ाइन वाले बुके उपलब्ध थे, जिनकी कीमत ₹40 से लेकर ₹2000 तक रही। विक्रेताओं के अनुसार, इस बार बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ।

हालांकि बढ़ी हुई मांग के कारण फूलों के दाम सामान्य दिनों की तुलना में कुछ अधिक रहे। कई फूलों की कीमतें लगभग दोगुनी तक पहुंच गईं, लेकिन इसके बावजूद खरीदारों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों और खास मौकों पर लोग कीमतों की परवाह किए बिना दिल खोलकर खरीदारी करते हैं।

फूलों के साथ-साथ बाजारों में केक, गिफ्ट आइटम, सजावटी लाइट्स और अन्य उपहारों की भी खूब बिक्री हुई। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें और शुभकामना संदेश साझा कर खुशियां बांटी। कुल मिलाकर, नव वर्ष के आगमन ने वाराणसी के फूल बाजारों में नई ऊर्जा, उमंग और खुशहाली की रंगीन छटा बिखेर दी।





