नमो घाट की तर्ज पर ओडिशा में भी नदी किनारे विकसित होंगे घाट, डिप्टी सीएम बोलीं, काशी के पर्यटन मॉडल से प्रेरणा ले रहा ओडिशा
वाराणसी। वाराणसी के नमो घाट की तर्ज पर ओडिशा में भी नदियों के किनारे आधुनिक और सुविधायुक्त घाट विकसित किए जाएंगे। ओडिशा की डिप्टी सीएम प्रवती परिदा ने रविवार को वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय ओडिशा पर्व के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि काशी की संस्कृति, विकास और पर्यटन मॉडल से ओडिशा भी प्रेरणा ले रहा है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओडिशा पहुंचते हैं। राज्य की संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटकों से ओडिशा आकर वहां की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने-समझने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पौराणिक नगरी काशी की संस्कृति को ओडिशा में भी आत्मसात किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने विकास के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का विकास हो या नमो घाट का विस्तार, शहर में हुए बदलाव देश-दुनिया के लिए उदाहरण बने हैं। सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से वाराणसी का पर्यटन भी तेजी से बढ़ा है।

ओडिशा पर्व में राज्य के पारंपरिक खानपान और संस्कृति को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। यहां पीठा, दहीबड़ा-आलूदम, बाजरे से बने व्यंजन, विभिन्न मिठाइयां और कोरापुट की ऑर्गेनिक कॉफी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। कार्यक्रम में ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों की झलक भी दिखाई जा रही है। पुरी, कोणार्क, चिल्का, भितरकनिका और सिमलीपाल के अलावा रत्नागिरी, उदयगिरी और ललितगिरी जैसे बौद्ध विरासत स्थलों की जानकारी लोगों को दी जा रही है।
ओडिशा पर्व के दौरान पर्यटन रोडशो, निवेशकों की बैठक तथा बी2बी और बी2जी संवाद भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए उत्तर प्रदेश और ओडिशा के बीच पर्यटन, निवेश और कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

