गंगा घाटों पर जले आकाशदीप, अमर शहीदों की स्मृति में गंगा सेवा निधि ने शुरू किया 27वां आयोजन
कारगिल विजय के बाद 1999 में शुरू हुई परंपरा, कार्तिक पूर्णिमा पर देवदीपावली महोत्सव में भगीरथ शौर्य सम्मान से होगा वीरों का नमन
दशाश्वमेध घाट पर आकाशदीप प्रज्ज्वलन का शुभारंभ, एक माह तक देश के बलिदानी सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों की स्मृति में रोशन होंगे दीप
वाराणसी। काशी के दशाश्वमेध घाट पर मंगलवार शाम अमर शहीदों की स्मृति में गंगा सेवा निधि की ओर से आकाशदीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कारगिल विजय के बाद वर्ष 1999 में शुरू हुई इस परंपरा के 27 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में देश के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरे कार्तिक मास गंगा घाटों पर आकाशदीप प्रज्ज्वलित कर देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों को नमन किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना और देशभक्ति गीतों से हुआ। इसके बाद गंगा सेवा निधि के संस्थापक स्वर्गीय पं. सत्येंद्र मिश्र को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। संस्था के पदाधिकारियों और अतिथियों ने अमर वीरों को नमन करते हुए आकाशदीप प्रज्ज्वलन की परंपरा को राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिकता का प्रतीक बताया।
कारगिल विजय के बाद जुड़ी राष्ट्रभक्ति की भावना
काशी में कार्तिक मास के दौरान पूर्वजों की स्मृति में आकाशदीप जलाने की सदियों पुरानी परंपरा रही है। गंगा सेवा निधि ने वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में भारत की विजय के बाद इस परंपरा को देश के अमर शहीदों की स्मृति से जोड़ते हुए व्यापक स्वरूप दिया। संस्था की ओर से प्रत्येक वर्ष पूरे कार्तिक मास आकाशदीप जलाए जाते हैं। इसका समापन कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित देवदीपावली महोत्सव के साथ होता है।
सीआरपीएफ और अन्य बलों के बलिदानियों को समर्पित दीप
इस वर्ष 95वीं बटालियन सीआरपीएफ के बलिदानी शशिकांत सिंह (कांस्टेबल/ड्राइवर), जो सेवा के दौरान सड़क दुर्घटना में शहीद हुए, तथा 183वीं बटालियन सीआरपीएफ के बलिदानी सुनील कुमार सहित एनडीआरएफ, भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेना, सीआईएसएफ, आरपीएफ और पुलिस बल के बलिदानी जवानों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। संस्था के संस्थापक पं. सत्येंद्र मिश्र की स्मृति में भी दीप जलाए गए।
देवदीपावली पर दिया जाएगा भगीरथ शौर्य सम्मान
गंगा सेवा निधि के अनुसार, 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित देवदीपावली महोत्सव में अमर वीरों की स्मृति में भगीरथ शौर्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर शहीद परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर अशोक कुमार तिवारी, अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत शंकर पुरी, कार्यक्रम अध्यक्ष ब्रिगेडियर उमेश ए. परब, 39 जीटीसी, 95वीं बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर, ग्रुप कैप्टन सचित सूद, 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अनुप सिंह बिष्ट सहित विभिन्न सुरक्षा बलों, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अतिथि उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रो. रेवती साकलकर ने गायन प्रस्तुत किया। तबले पर संगीत कुमार और हारमोनियम पर पंकज मिश्र ने संगत की। संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, संरक्षक पं. इंदुशेखर शर्मा और सचिव सुरजीत कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन सचिव सुरजीत कुमार सिंह ने किया।

