वाराणसी में फिर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंची गंगा, उच्च स्तर को पार कर सकता है जलस्तर, मंडलायुक्त ने की तैयारियों की समीक्षा 

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वाराणसी। गंगा एक बार फिर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है। घाट जलमग्न हो गए हैं। वहीं तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गुरुवार की शाम 8 बजे गंगा का जलस्तर 69.54 मीटर रिकॉर्ड किया गया। वरूणा का भी जलस्तर बढ़ रहा है। इसको देखते हुए मंडलायुक्त एस. राजलिंगम  ने अधिकारियों संग मीटिंग की। इसमें बाढ़ से निबटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और बाढ़ राहत शिविरों में मुकम्मल इंतजाम के निर्देश दिए। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 और खतरे का बिंदु 71.26 मीटर है। 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, आगामी दिनों में गंगा नदी का जलस्तर उच्च बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व से चिन्हित 46 बाढ़ राहत शिविरों  (शहरी क्षेत्र में 25 और ग्रामीण में 21)  के अलावा अतिरिक्त सुरक्षित स्थानों और विद्यालय जैसे बड़े भवनों को भी राहत शिविर के रूप में चिह्नित करने के निर्देश दिए। बाढ़ संभावित क्षेत्रों जैसे नगवां, अस्सी घाट, सामनेघाट, मारुति नगर, कोनिया, सरैया, सलारपुर, नक्खी घाट, हुकुलगंज आदि इलाकों में जलस्तर निगरानी और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया। साथ ही ऐसे शिविरों को भी चिह्नित किया जाएगा जो जलभराव के कारण असुरक्षित हो सकते हैं।

नले

मानव और पशुधन दोनों पर विशेष ध्यान
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को पूर्व में ही राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही मवेशियों को सुरक्षित पशुशालाओं में भेजने, उनके लिए चारा, भूसा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए।

राहत शिविरों की सुविधाएं हों सुनिश्चित
सभी राहत शिविरों में शुद्ध पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, बेड, चादर, पर्याप्त खाद्य सामग्री, मोबाइल टॉयलेट आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। साथ ही कम्यूनिटी किचन की साफ-सफाई और समय पर भोजन वितरण की जिम्मेदारी तय की गई। खाद्य वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में करने पर बल दिया गया।


विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्व
•    नगर निगम को शहर व वरुणा नदी के किनारे नियमित सफाई और फॉगिंग का निर्देश
•    जल पुलिस व NDRF को निरंतर पेट्रोलिंग
•    चिकित्सा विभाग को ORS, क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर, एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था
•    सेतु निगम और PWD को सभी प्रमुख सड़कों और पुलों की मरम्मत
•    बिजली विभाग को सुचारु विद्युत आपूर्ति की गारंटी
•    पुलिस विभाग को राहत शिविरों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश

सक्रिय सूचना तंत्र और जनभागीदारी पर बल
जनता को सतर्क करने के लिए लाउडहेलर, सायरन और कंट्रोल नंबर को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बाढ़ बुलेटिन का नियमित प्रकाशन और केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमानों की सतत निगरानी पर भी बल दिया गया। बैठक में पार्षदों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्रों में ऊंचे स्थान चिह्नित करने में प्रशासन का सहयोग करें और प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों तक लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। मीटिंग में अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी, एडीसीपी काशी, एसडीएम सदर, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, एनडीआरएफ, सिंचाई, स्वास्थ्य, बिजली व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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