वाराणसी में चेतावनी बिंदु को पार कर गईं गंगा, आसपास के इलाकों में बढ़ी दुश्वारी, 13 राहत शिविरों में 935 ने ली शरण

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70.29 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर, 11 मोहल्ले-वार्ड आंशिक रूप से प्रभावित, 32 नावों से राहत-बचाव कार्य जारी

वरुणा की बाढ़ से 328 परिवारों के 1388 लोग प्रभावित, राहत शिविरों में भोजन से लेकर चिकित्सा तक की व्यवस्था

वाराणसी। गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत-बचाव व्यवस्था तेज कर दी है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त अद्यतन आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित 70.26 मीटर के चेतावनी बिंदु से तीन सेंटीमीटर ऊपर है। खतरे का जलस्तर 71.26 मीटर निर्धारित है। प्रशासन के अनुसार जनपद के करीब 11 मोहल्ले और वार्ड आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित हैं।

वरुणा नदी में आई बाढ़ से जिले में 328 परिवारों के 1388 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वर्तमान में 13 बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील हैं, जहां 219 प्रभावित परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं।

राहत शिविरों में तीन समय भोजन
राहत शिविरों में रह रहे लोगों को दिन में तीन समय पौष्टिक भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, प्रकाश, साफ-सफाई और आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों को देखते हुए दूध, फल समेत अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

32 नावें राहत-बचाव में लगाई गईं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत-बचाव कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 32 नावों की व्यवस्था की है। जलभराव या बाढ़ में फंसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

राशन किट की भी पर्याप्त व्यवस्था
प्रभावित परिवारों के लिए राशन किट की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जरूरत के अनुसार परिवारों को राशन किट और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि खाद्यान्न और जरूरी सामान की कमी न हो।

अधिकारी कर रहे लगातार निगरानी
प्रशासन की ओर से गंगा और वरुणा के जलस्तर के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारी तटवर्ती और संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग तथा अन्य अधिकृत स्रोतों से जलस्तर, बारिश और मौसम संबंधी सूचनाओं का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है।

विभागों के बीच समन्वय
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जल पुलिस, एनडीआरएफ समेत संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। नाव, बचाव उपकरण और मानव संसाधन तैयार रखे गए हैं। जलस्तर में और वृद्धि होने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

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